गुप्त सूचना पर वन विभाग की छापेमारी, अवैध माइका लदा पिकअप जब्त
ड्राइवर फरार, तस्करों और वाहन मालिक की पहचान में जुटा वन विभाग
डीजे न्यूज, तिसरी (गिरिडीह) : तिसरी प्रखंड के जंगलों से अवैध रूप से माइका उत्खनन और तस्करी के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए सोमवार की रात अवैध माइका लदे एक इंट्रा पिकअप वैन को जब्त किया। वन विभाग की टीम ने यह कार्रवाई तिसरी के घंघरीकुरा-डोरंडा मुख्य सड़क पर कन्हाय मोड़ के पास की। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार, एसीएफ सह गावां वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी अनिल कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि तिसरी प्रखंड के जंगलों से अवैध रूप से माइका निकालकर इंट्रा पिकअप वैन में लोड किया जा रहा है। इसके बाद माइका को घंघरीकुरा के रास्ते मसनोडीह और डोमचांच ले जाकर खपाने की तैयारी थी।
सूचना के आधार पर वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी ने प्रभारी वनपाल राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम गठित की। टीम सोमवार की रात घंघरीकुरा गांव की ओर रवाना हुई और मसनोडीह व डोमचांच जाने वाली सड़क पर वाहन के आने का इंतजार करने लगी। इसी दौरान डोमचांच की ओर जा रहे संदिग्ध इंट्रा पिकअप वैन को वनकर्मियों ने रोककर तलाशी ली। जांच में वाहन पर माइका लदा मिला। इसी बीच चालक अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया।
इसके बाद वनकर्मियों ने माइका लदे वाहन को जब्त कर गावां बिट कार्यालय पहुंचाया। जब्त वाहन का नंबर जेएच 10 सीएम 9671 बताया गया है। वन विभाग अब वाहन मालिक और माइका तस्करी में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटा है।
गावां वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध माइका लदे पिकअप वैन को जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि माइका तस्करों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। किसी भी कीमत पर माइका का अवैध कारोबार नहीं होने दिया जाएगा।
जंगलों में उत्खनन, फिर दूसरे इलाकों में तस्करी
बताया जाता है कि तिसरी प्रखंड के विभिन्न गांवों के जंगलों और आसपास के गावां क्षेत्र में माइका का अवैध उत्खनन किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बाद तस्करों के जरिए माइका को गिरिडीह और डोमचांच की ओर ले जाया जाता है। इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए वन विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस धंधे में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर अब वन विभाग की जांच पर नजर रहेगी।