डीएमएफटी योजनाओं की कार्य प्रगति की हुई समीक्षा, लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश

डीएमएफटी योजनाओं की कार्य प्रगति की हुई समीक्षा, लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश

डीजे न्यूज, धनबाद: समाहरणालय स्थित सभागार में सोमवार को डीएमएफटी मद से संचालित विभिन्न योजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता डीसी आदित्य रंजन ने की।
बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।

बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल, ग्रामीण कार्य विभाग, पथ प्रमण्डल, लघु सिंचाई, भवन निर्माण, विशेष प्रमण्डल, एन०आर०ई०पी०, विद्युत प्रमण्डल, जूडको, झमाडा, जेडा एवं शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। सभी संबंधित पदाधिकारियों ने जियो-टैग्ड फोटोग्राफ्स युक्त पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति से उपायुक्त को अवगत कराया।

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में क्रियान्वित की जा रही सभी योजनाओं की अद्यतन स्थिति का एजेंसी-वार समीक्षा किया। उन्होंने विभिन्न कार्यपालक विभागों एवं एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि वे आवंटित सभी कार्यों को बिना किसी अनावश्यक विलंब के जल्द से जल्द पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उपायुक्त ने सभी अभियंताओं एवं कार्यपालक एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे कार्यस्थल पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न करें और तकनीकी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अपूर्ण योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अंतिम रूप दें।

ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा

ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान कई सड़कों का कार्य लंबित रहने तथा कुछ योजनाओं पर कार्य जारी होने की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन योजनाओं का कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुआ है, उन्हें जल्द से जल्द शुरू किया जाए। निर्धारित समयसीमा में कार्य शुरू नहीं करने वाली योजनाओं के टेंडर रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

लघु सिंचाई एवं अन्य आधारभूत संरचना योजनाओं की समीक्षा

लघु सिंचाई प्रमंडल के योजनाओं की समीक्षा में उपायुक्त ने तालाब निर्माण एवं अन्य लंबित योजनाओं की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि 30 नवंबर तक शेष तालाब योजनाओं की निविदा प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।

बैठक में विद्यालयों की बाउंड्री वॉल एवं रंग-रोगन, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों (HSC), लेबर रूम, पार्किंग शेड तथा योग शेड के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में तेजी लाते हुए नवंबर माह के अंत तक 156 आंगनबाड़ी केंद्रों का कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। साथ ही लंबित कार्यों का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्य जल्द शुरू करने एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।

उपायुक्त ने ऐसी एजेंसियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कई योजनाएं ले रखी हैं, लेकिन एक-दो स्थानों पर ही कार्य शुरू किया है और शेष योजनाएं लंबित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में अनावश्यक देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार संबंधित एजेंसियों के टेंडर रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

भवन निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा

भवन निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) के गेट सहित अन्य निर्माण कार्यों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने लंबित योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कर संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर असामाजिक तत्वों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति कर आवश्यक पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वयं स्थल पर उपस्थित रहकर कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया।

पथ निर्माण एवं सेतु परियोजनाएं (RCD / SHAJ)

पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि गया ब्रिज के बॉक्स निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है; रेलवे द्वारा शेष चिह्नित स्थलों से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि मटकुरिया फ्लाईओवर परियोजना के 26 पिलरों पर कार्य प्रगति पर है और लगभग 25% कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं बेलगड़िया सड़क निर्माण के लिए भू-अर्जन से संबंधित अवॉर्ड तैयार कर प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED)

वित्तीय वर्षवार योजनाओं की समीक्षा की गई। पुराने वित्तीय वर्ष के जो कार्य रद्द हो चुके हैं या शुरू नहीं हुए, उनकी राशि वापस जमा कराने तथा टेंडर एवं वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी कर वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं पर शीघ्र कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में शुद्ध पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा माडा/नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को सीधे जलापूर्ति कनेक्शन से जोड़ने का आदेश दिया गया। साथ ही ड्राई जोन (सूखाग्रस्त क्षेत्रों) की सूची तैयार कर सरकारी निचली भूमि (Low Land) पर नए तालाब निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने का जिम्मा डीएमएफटी-पीएमयू को सौंपा गया।

इसके अलावा संबंधित विभिन्न कार्यकारी एजेंसी के कार्यपालक अभियंता को एसएसएलएनटी (SSLNT) अस्पताल में थैलेसीमिया वार्ड के निर्माण कार्य तथा 50 अतिरिक्त बेड जल्द से जल्द चालू कराने पर विशेष जोर दिया गया। विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण, जीर्णोद्धार और बाउंड्रीवॉल हेतु शीघ्र प्राक्कलन तैयार करने, निर्माण कार्य पूरा करने निर्देश दिया गया। साथ ही बीआरसी भवन निर्माण कार्य तथा मरम्मती कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने निरसा हाट बाजार का निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ करने तथा दाल-भात केंद्रों के जीर्णोद्धार व निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त सन्नी राज, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन, अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे, सभी कार्यकारी एजेंसी के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, संबंधित विभाग के पदाधिकारी, डीएमएफटी पीएमयू टीम समेत अन्य मौजूद रहें।

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