गिरिडीह में बेमियादी धरना 47वें दिन भी जारी, मांगों को लेकर सात सदस्यीय कमेटी गठित
डीजे न्यूज, गिरिडीह : किसान जनता पार्टी का बेमियादी धरना शनिवार को 47वें दिन भी जारी रहा। अब तक किसी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किसानों की मांगों पर संज्ञान नहीं लिए जाने से नाराज किसानों ने आंदोलन को और व्यापक बनाने की रणनीति तैयार की है। इसके तहत धरना जारी रखने के साथ-साथ जनता की अदालत में भी अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसे लेकर शनिवार को धरना स्थल पर बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए किजपा के केंद्रीय कमेटी अध्यक्ष सह अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि गिरिडीह जिले के करीब 90 प्रतिशत किसानों की जमीन अब भी उनके मृत पूर्वजों के नाम पर दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराधिकार नामांतरण के लिए किसानों को रिश्वत देनी पड़ती है। जमीन माफिया और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ के कारण किसानों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेताओं के दबाव में अधिकारी झारखंड हाईकोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं कर रहे हैं। अवधेश सिंह ने कहा कि रिट याचिका संख्या 5925/2022 में हाईकोर्ट ने गिरिडीह जिले के सभी मौजा के रजिस्टर टू की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। इसके बावजूद किसानों को राहत नहीं मिल रही है। ऐसे में अब जनता के बीच जाकर अपनी बात रखने की जरूरत है। बैठक में जनता की अदालत में किसानों की मांगें रखने के लिए विक्रम मुर्मू, घनश्याम पंडित, संगीता मरांडी, सुंदर मुर्मू, बाटु मरांडी, विपिन बास्के और सुमनि सोरेन की सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई। कमेटी ने पीरटांड़ प्रखंड के गांवों से जनसंपर्क अभियान की शुरुआत कर दी है। बैठक में दासो मुर्मू, जहांगीर अंसारी, राजेंद्र यादव, अफसर खान, ललिया देवी, गीता देवी, पानौ हेम्ब्रम और सरिता मरांडी समेत कई किसान मौजूद थे।