गांव-गांव तक पहुंचेगा स्वच्छता और शुद्ध पेयजल का संदेश, मास्टर जलसहियाओं को दिया गया प्रशिक्षण

गांव-गांव तक पहुंचेगा स्वच्छता और शुद्ध पेयजल का संदेश, मास्टर जलसहियाओं को दिया गया प्रशिक्षण

डीजे न्यूज, गिरिडीह : जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और शुद्ध पेयजल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला समाहरणालय सभागार में मास्टर जलसहियाओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि मास्टर जलसहिया पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने और ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित करने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने की अपील की, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों की अन्य जलसहियाओं को योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर उनकी कार्यक्षमता बढ़ा सकें।

**जलसहियाओं को जिम्मेदारियों और तकनीकी कार्यों की जानकारी**

कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने जलसहियाओं को उनके कार्यों एवं दायित्वों की जानकारी देते हुए मासिक कार्यों को समय पर पूरा करने और संबंधित प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं, राज्य परामर्शी, समाज कल्याण विभाग के गौरव वर्मा ने संस्थागत स्तर पर किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी और विभिन्न स्तरों पर समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया।

यूनिसेफ सहयोगी संस्था के प्रशिक्षक निर्भय कुमार मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण और जल जीवन मिशन के उद्देश्यों एवं प्रमुख घटकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और अभिसरण की भूमिका समझाई।

जिला एमआईएस समन्वयक विवेक कुमार ने स्वच्छ सेवा आकलन और जल अर्पण कार्यक्रम की जानकारी दी। जिला जल जांच प्रयोगशाला के प्रवीण कुमार ने फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से पानी की गुणवत्ता की जांच करने और उसके परिणामों की ऑनलाइन एंट्री की प्रक्रिया समझाई।

वहीं, जिला समन्वयक रितेश कुमार एवं वीरेंद्र कुमार मंडल ने विभाग द्वारा सौंपे गए कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा अन्य जलसहियाओं का क्षमतावर्धन करने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।

कार्यक्रम में जिले की सभी मास्टर जलसहियाओं के अलावा प्रखंड समन्वयक, पंचायती राज, कनीय अभियंता, सहायक अभियंता सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे।

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