एक मई से घर बैठे खुद से भर सकते हैं जनगणना का फॉर्म

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एक मई से घर बैठे खुद से भर सकते हैं जनगणना का फॉर्म

16 मई से शुरू होगी जनगणना 

डीजे न्यूज, गिरिडीह : समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में गुरुवार को भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं स्व-गणना (Self Enumeration) को लेकर एक महत्वपूर्ण मीडिया ब्रीफिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जबकि उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की।

उपायुक्त यादव ने बताया कि जनगणना 2027 का पहला चरण 16 मई से 14 जून तक संचालित होगा। इस दौरान जिले में 802 पर्यवेक्षक और 4699 प्रगणक तैनात किए गए हैं, जो घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण और आवश्यक आंकड़ों का संग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से इस कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मीडिया को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने बताया कि जिले में कुल 16 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 13 ग्रामीण और 3 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में गिरिडीह नगर निगम, बड़की सरैया नगर पंचायत और धनवार नगर पंचायत को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार पहली बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा दी गई है।

उन्होंने बताया कि नागरिक 1 मई से 15 मई तक https://se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपनी जनगणना स्वयं कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें SE ID बनाकर OTP के जरिए लॉगिन करना होगा और लगभग 30 प्रश्नों के उत्तर भरने होंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर एक SMS प्राप्त होगा, जिसे प्रगणक को दिखाना जरूरी होगा।

उप विकास आयुक्त ने मीडिया की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय अभियान में मीडिया जागरूकता फैलाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने अपील की कि सही जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए और अफवाहों से बचा जाए।

प्रशासन की ओर से सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और स्व-गणना प्रक्रिया का अधिक से अधिक उपयोग करें। अधिकारियों ने बताया कि नागरिकों द्वारा दी गई सटीक जानकारी भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

स्व-गणना के दौरान नागरिकों से आवास, परिवार की संरचना, बुनियादी सुविधाएं, संसाधनों की उपलब्धता, पेयजल, शौचालय, ऊर्जा स्रोत, संचार साधन और वाहनों से संबंधित विस्तृत जानकारी ली जाएगी।

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