ईसीएल मुख्यालय में प्रदर्शन कल, राकोमयू ने लगाया जोर
डीजे न्यूज, धनबाद : कोलियरी मजदूर यूनियन (पश्चिम बंगाल) एवं राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन, झारखंड के अधीन कार्यरत सभी इकाइयों द्वारा संयुक्त रूप से 22 सितंबर (मंगलवार) को ईसीएल मुख्यालय, दिशेरगढ़ में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।
राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के महामंत्री एवं फेडरेशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ए.के. झा ने बताया कि इंडियन नेशनल माइंस वर्कर्स फेडरेशन (INTUC) के आह्वान पर प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय ने जेबीसीसीआई-12 के गठन को राजनीतिक दांव-पेच में चार नए श्रम कानूनों के बहाने अनावश्यक रूप से रोक रखा है।
भाजपा सरकार ने मेडिकली अनफिट कोयला कामगारों के बच्चों की नौकरी लंबित रखी है। दो लाख श्रमिकों के लिए रिक्त पदों पर शिक्षित नौजवानों की नौकरी रोकी गई है। भूमि अधिग्रहण के तहत नियोजन के पूर्व के फैसले को भी लंबित रखा गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य कल्याणकारी सुविधाओं पर प्रतिबंध लगाकर कोल इंडिया लिमिटेड की हर कंपनी को एमडीओ एवं आउटसोर्सिंग के नाम पर पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है।
कोल इंडिया लिमिटेड की आउटसोर्सिंग कंपनियों ने उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्देशित “समान कार्य के लिए समान वेतन” के आदेश को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। 5 हजार से लेकर अधिकतम 15 हजार रुपये के मासिक वेतन पर श्रमिकों को 12-12 घंटे ड्यूटी करने के लिए पूंजीपतियों द्वारा मजबूर किया जा रहा है।
सेवानिवृत्त कामगारों के पेंशन की राशि में बढ़ोतरी करने से रोक लगा दिया गया है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा को भी वर्षों से लंबित रखा गया है।
जबकि ईसीएल, बीसीसीएल सहित कोल इंडिया की सभी खदानों के श्रमिकों ने हर संकट की घड़ी में सेना की तरह अपनी जान की बाजी लगाकर देश के लिए समर्पित होकर कार्य किया है।
झा ने बताया कि फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह विधायक कुमार जय मंगल सिंह के आह्वान पर यह कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
कोयला मजदूर परिवार के हर संकट की घड़ी में फेडरेशन के साथी मजदूर हित एवं राष्ट्रीय हित के लिए गांधीवादी तरीके से लड़ाई लड़ने का कार्य करते आ रहे हैं।
फेडरेशन के सीनियर नेता चंडी बनर्जी, श्री शर्मा, पजय मासी, तरुण गांगुली के नेतृत्व में कोलियरी मजदूर यूनियन की सभी शाखाओं, सभी क्षेत्रों एवं केंद्रीय कमेटी के सभी पदाधिकारी पूरी ईमानदारी, निष्ठा एवं लगन के साथ इस कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे हुए हैं।
प्रदर्शन के बाद श्रमिकों की ओर से एक मांग-पत्र ईसीएल के सीएमडी को सौंपा जाएगा।