डिजिटल झारखंड’ को नई रफ्तार: हर पंचायत तक 5G, साइबर सुरक्षा और डेटा केंद्रीकरण पर रहेगा विशेष फोकस : हेमंत सोरेन

डिजिटल झारखंड’ को नई रफ्तार: हर पंचायत तक 5G, साइबर सुरक्षा और डेटा केंद्रीकरण पर रहेगा विशेष फोकस : हेमंत सोरेन

डीजे न्यूज, रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल झारखंड’ का सपना तभी साकार होगा, जब तकनीक का लाभ दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
बैठक में ई-गवर्नेंस परियोजनाओं, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण तथा आईटी आधारित नवाचारों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही ‘डिजिटल झारखंड विजन 2029’ पर विशेष चर्चा हुई, जिसमें आईटी पार्क निर्माण की रूपरेखा और साइट प्लान प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों और जिलों में आईटी अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय डेटा को केंद्रीकृत प्रणाली में एकीकृत किया जाए, ताकि बेहतर समन्वय और निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके। झारखंड स्टेट डेटा सेंटर को सुदृढ़ बनाने तथा डेटा की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
हर पंचायत तक 5G नेटवर्क पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कार्यों की समीक्षा करते हुए राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यापक मैपिंग कराने का निर्देश दिया। उन्होंने आगामी तीन वर्षों में राज्य के सभी पंचायतों को 5G नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
भारतनेट फेज-3, कनेक्टिंग झारखंड और JharNet 2.0 परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत, सुरक्षित और एकीकृत डिजिटल नेटवर्क प्रशासनिक कार्यों में गति, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करेगा।
साइबर सुरक्षा और डिजिटल सक्सेशन चार्ट पर विशेष बल
मुख्यमंत्री ने JAP-IT में रिक्त पदों को भरने, पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी नेटवर्क, Lidar और सैटेलाइट आधारित परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विभागों में फोटोयुक्त डिजिटल सक्सेशन चार्ट तैयार कर उसे नियमित अपडेट रखने को कहा।
उन्होंने राज्य के सभी विभागों के डेटा को एक समान प्रारूप में केंद्रीकृत करने तथा अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित करने के साथ नियमित सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इंटरनेट शैडो क्षेत्रों की पहचान
मुख्यमंत्री ने इंटरनेट शैडो क्षेत्रों की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क विस्तार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का कोई भी गांव, कस्बा या शहर डिजिटल सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।
न्यायिक सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने सभी जिला न्यायालयों में उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि न्यायिक कार्यों में दक्षता बढ़ सके। उन्होंने कहा कि राज्य का विकास केवल आईटी पार्क निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि एक समग्र और सुदृढ़ आईटी इकोसिस्टम विकसित किया जाना आवश्यक है।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव पूजा सिंघल, विशेष सचिव सुनील कुमार सिंह, निदेशक आईटी माधवी मिश्रा, सीईओ JAP-IT चंदन कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top