डॉ. कलाम की जयंती पर विद्यार्थियों ने लिया आदर्शों पर चलने का संकल्प, हाथ धुलाई के महत्व से भी हुए रूबरू*

डॉ. कलाम की जयंती पर विद्यार्थियों ने लिया आदर्शों पर चलने का संकल्प, हाथ धुलाई के महत्व से भी हुए रूबरू

डीजे न्यूज, हुसैनाबाद (पलामू) : राजकीयकृत मध्य विद्यालय हुसैनाबाद में गुरुवार को भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाई गई। विद्यालय के प्रातःकालीन प्रार्थना सत्र के दौरान उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने डॉ. कलाम के आदर्शों को आत्मसात करने तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. कलाम के संघर्षपूर्ण जीवन, शिक्षा के प्रति समर्पण और देश के वैज्ञानिक विकास में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में जन्मे डॉ. कलाम ने साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक का सफर तय किया। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और शुरुआती दिनों में अखबार बेचकर परिवार की मदद की। अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान बनाई।

डॉ. कलाम को मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने डीआरडीओ और इसरो में वैज्ञानिक के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 2002 में वे भारत के 11वें राष्ट्रपति बने। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके विचारों को याद करते हुए कहा गया कि सपने वही नहीं होते, जिन्हें हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सच्चे सपने वे हैं, जो हमें लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रेरित करते हैं। सफलता का अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने कार्य और व्यक्तित्व से ऐसी पहचान बनाना है कि हस्ताक्षर भी ऑटोग्राफ बन जाएं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से डॉ. कलाम के जीवन और उपलब्धियों से संबंधित दस प्रश्न पूछे गए। इनमें उनका पूरा नाम, जन्मस्थान और जन्मतिथि, राष्ट्रपति बनने का वर्ष, इसरो एवं डीआरडीओ का पूरा नाम, मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध होने का कारण तथा उनके निधन से जुड़े प्रश्न शामिल थे। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सवालों के जवाब दिए।

**वैश्विक हाथ धुलाई दिवस पर स्वच्छता का संदेश**

15 अक्टूबर को मनाए जाने वाले वैश्विक हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को हाथों की स्वच्छता के महत्व की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्लोबल हैंडवाशिंग पार्टनरशिप की पहल पर हुई थी। इसका उद्देश्य साबुन से हाथ धोने की आदत को बढ़ावा देकर लोगों को बीमारियों और संक्रमण से बचाना है।

शिक्षकों ने बताया कि हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोने से गंदगी, वायरस और बैक्टीरिया हटाने में मदद मिलती है। इससे डायरिया, पेचिश और फ्लू जैसी बीमारियों के फैलाव का खतरा कम किया जा सकता है। विद्यार्थियों को भोजन करने से पहले, शौचालय के उपयोग के बाद और गंदगी के संपर्क में आने पर साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक कन्हैया प्रसाद, राजेश कुमार गुप्ता, आशा कुमारी, वरीय सहायक अध्यापक राजेश सिन्हा और कंप्यूटर शिक्षक प्रमोद मेहता उपस्थित थे। बाल संसद के सदस्यों सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी डॉ. कलाम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top