छह मांगों को लेकर पेंशनरों का शंखनाद, रागिनी सिंह से संसद में आवाज उठाने की अपील डीजे न्यूज, धनबाद : झारखंड राज्य पेंशनर्स समाज, रांची जिला इकाई धनबाद के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को सचिव बासुदेव गोस्वामी के नेतृत्व में झरिया विधायक रागिनी सिंह से मुलाकात कर केंद्र एवं राज्य सरकार के पेंशनरों से जुड़ी छह सूत्री मांगों का मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से पेंशनरों के मुद्दों को प्रधानमंत्री, संसद, राज्य विधानसभा तथा संबंधित मंत्रालयों के समक्ष उठाने और न्यायसंगत, मानवीय एवं टिकाऊ पेंशन नीति सुनिश्चित कराने में सहयोग की अपील की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार झारखंड के सभी सांसदों और विधानसभा सदस्यों को मांगपत्र सौंपा जा रहा है। पेंशनर्स समाज का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों के वैध अधिकारों की रक्षा और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। ये हैं छह प्रमुख मांगें पहली मांग 25 मार्च 2025 को बजट के साथ लोकसभा एवं कैबिनेट से पारित वैलिडेशन एक्ट को निरस्त करने की है। दूसरी मांग माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 तथा विधवा बहू को पेंशन में अधिमान्यता के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अविवाहित, विधवा और परित्यक्ता पुत्रियों को भी पेंशन अधिकार के लिए पारिवारिक इकाई के मानक में शामिल करने की है। तीसरी मांग पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग महंगाई राहत सूचकांक निर्धारित करने की है। चौथी मांग कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी विभागीय संसदीय समिति की 10 दिसंबर 2021 की 11वीं रिपोर्ट के अनुसार सेवानिवृत्ति के 65वें वर्ष में 5 प्रतिशत, 70वें वर्ष में 10 प्रतिशत और 75वें वर्ष में 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन लागू करने की है। पांचवीं मांग पेंशन की 40 प्रतिशत राशि के कम्यूटेशन की कटौती अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष करने की है। समाज का तर्क है कि पूरी राशि का समायोजन करीब 10 वर्ष 8 महीने में ही पूरा हो जाता है। छठी मांग जनहित में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बाह्य और आंतरिक चिकित्सा की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की है। प्रतिनिधिमंडल में सचिव बासुदेव गोस्वामी, संयुक्त सचिव श्यामा नंद लाल त्यागी, राजेंद्र रजक, संजय कुमार, शंभू शरण अंबष्ट, राजकुमार वर्मा, निमाई चंद्र मुखर्जी समेत अन्य सदस्य शामिल थे।

छह मांगों को लेकर पेंशनरों का शंखनाद, रागिनी सिंह से संसद में आवाज उठाने की अपील

डीजे न्यूज, धनबाद : झारखंड राज्य पेंशनर्स समाज, रांची जिला इकाई धनबाद के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को सचिव बासुदेव गोस्वामी के नेतृत्व में झरिया विधायक रागिनी सिंह से मुलाकात कर केंद्र एवं राज्य सरकार के पेंशनरों से जुड़ी छह सूत्री मांगों का मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से पेंशनरों के मुद्दों को प्रधानमंत्री, संसद, राज्य विधानसभा तथा संबंधित मंत्रालयों के समक्ष उठाने और न्यायसंगत, मानवीय एवं टिकाऊ पेंशन नीति सुनिश्चित कराने में सहयोग की अपील की।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार झारखंड के सभी सांसदों और विधानसभा सदस्यों को मांगपत्र सौंपा जा रहा है। पेंशनर्स समाज का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों के वैध अधिकारों की रक्षा और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है।

ये हैं छह प्रमुख मांगें

पहली मांग 25 मार्च 2025 को बजट के साथ लोकसभा एवं कैबिनेट से पारित वैलिडेशन एक्ट को निरस्त करने की है।

दूसरी मांग माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 तथा विधवा बहू को पेंशन में अधिमान्यता के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अविवाहित, विधवा और परित्यक्ता पुत्रियों को भी पेंशन अधिकार के लिए पारिवारिक इकाई के मानक में शामिल करने की है।

 

तीसरी मांग पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग महंगाई राहत सूचकांक निर्धारित करने की है।

चौथी मांग कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी विभागीय संसदीय समिति की 10 दिसंबर 2021 की 11वीं रिपोर्ट के अनुसार सेवानिवृत्ति के 65वें वर्ष में 5 प्रतिशत, 70वें वर्ष में 10 प्रतिशत और 75वें वर्ष में 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन लागू करने की है।

पांचवीं मांग पेंशन की 40 प्रतिशत राशि के कम्यूटेशन की कटौती अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष करने की है। समाज का तर्क है कि पूरी राशि का समायोजन करीब 10 वर्ष 8 महीने में ही पूरा हो जाता है।

छठी मांग जनहित में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बाह्य और आंतरिक चिकित्सा की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की है।

प्रतिनिधिमंडल में सचिव बासुदेव गोस्वामी, संयुक्त सचिव श्यामा नंद लाल त्यागी, राजेंद्र रजक, संजय कुमार, शंभू शरण अंबष्ट, राजकुमार वर्मा, निमाई चंद्र मुखर्जी समेत अन्य सदस्य शामिल थे।

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