छात्राओं ने किया आईआईटी (आईएसएम) धनबाद का विजिट
डीजे न्यूज, धनबाद: डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST) के विज्ञान ज्योति प्रोग्राम के तहत बुधवार को करीब 200 छात्राओं ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद का नॉलेज पार्टनर के रूप में विजिट किया। इसका मकसद छात्राओं को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स (STEM) के फील्ड में आगे बढ़ने और इन क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए मोटिवेट करना था।
इस विजिट में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) कोडरमा की 110 और JNV धनबाद की 81 छात्राएं शामिल हुईं। छात्राओं ने आईआईटी (आईएसएम) के फैकल्टी मेंबर्स के साथ बातचीत की और साइंस व टेक्नोलॉजी के अलग-अलग क्षेत्रों, रिसर्च और करियर ऑप्शंस के बारे में जानकारी ली।
प्रो. पार्थसारथी दास, डीन (आर एंड डी), आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने छात्राओं को कहा कि उन्हें क्लासरूम की पढ़ाई से आगे बढ़कर एक्सपर्ट्स से बातचीत और नए क्षेत्रों को समझने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज इंजीनियरिंग, मेडिसिन, रिसर्च, एडमिनिस्ट्रेशन, ह्यूमैनिटीज सहित कई फील्ड में करियर के अवसर हैं। तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में नई स्किल्स सीखने, क्यूरियोसिटी बनाए रखने और खुद को बदलती जरूरतों के अनुसार तैयार करने की जरूरत है।
प्रो. एम.के. सिंह, डीन, फैकल्टी ने छात्राओं को साइंस को कॉन्फिडेंस, क्यूरियोसिटी और कमिटमेंट के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान ज्योति सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि अपने गोल को हासिल करने के लिए अंदर से मिलने वाली एनर्जी का भी प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं से अपने आसपास की चीजों को लेकर सवाल करने और हर चीज को समझने की आदत विकसित करने को कहा।
उन्होंने इंफॉर्मेशन, नॉलेज और विजडम के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि सिर्फ इंफॉर्मेशन हासिल करना काफी नहीं है, बल्कि उसे समझकर नॉलेज में बदलना और सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संदर्भ में उन्होंने छात्राओं को टेक्नोलॉजी के साथ ह्यूमन इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि एजुकेशन महिलाओं के सेल्फ-एम्पावरमेंट का सबसे मजबूत माध्यम है और छात्राओं को आर्थिक या सामाजिक परेशानियों को अपनी पढ़ाई के रास्ते में बाधा नहीं बनने देना चाहिए।
प्रोग्राम के दौरान प्रो. एस.आर. समद्दार, हेड, सेंटर फॉर वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट; प्रो. आलोक दास, डीन, इनोवेशन एंड कॉरपोरेट रिलेशंस तथा प्रो. संजीव साहू, एसोसिएट डीन, स्टूडेंट्स वेल-बीइंग ने भी छात्राओं को अलग-अलग विषयों पर कीनोट टॉक्स दिए।
इसके अलावा छात्राओं के साथ इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया, जिसके बाद लंच और आईआईटी (आईएसएम) के i2h का विजिट कराया गया। इससे छात्राओं को संस्थान में हो रहे इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जुड़े कामों को करीब से समझने का अवसर मिला।