यूपीआई फ्रॉड : सिंगल विंडो सिस्टम और तुरंत पैसा वापसी की व्यवस्था हो मजबूत
गिरिडीह के सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने गृह मंत्रालय से की मांग-साइबर ठगी पर लगे लगाम, पीड़ितों को मिले न्याय
डीजे न्यूज, गिरिडीह: देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर एवं डिजिटल वित्तीय फ्रॉड को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए शहर के सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण जनहित शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत को गृह मंत्रालय के सचिव के समक्ष भेजते हुए साइबर ठगी की रोकथाम के साथ-साथ पीड़ितों के लिए शिकायत, जांच तथा ठगी गई धनराशि की वापसी की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की मांग की गई है।शिकायत में कहा गया है कि आज UPI, मोबाइल बैंकिंग एवं अन्य डिजिटल भुगतान माध्यम आम नागरिक के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में साइबर अपराध केवल तकनीकी समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह आम नागरिक की आर्थिक सुरक्षा और डिजिटल विश्वास से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है।विशेष चिंता की बात यह है कि गरीब, ग्रामीण, बुजुर्ग तथा कम डिजिटल-साक्षर नागरिक साइबर ठगों के आसान निशाने बन रहे हैं। ठगी होने के बाद पीड़ित के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल शिकायत दर्ज कराना ही नहीं, बल्कि संबंधित बैंक, पुलिस, साइबर सेल एवं अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कराना तथा अपनी धनराशि की recovery सुनिश्चित कराना भी होती है।जनहित शिकायत में सरकार द्वारा स्थापित Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C), National Cyber Crime Reporting Portal एवं 1930 हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।शिकायत के माध्यम से मांग की गई है कि साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए Single Window Complaint System, 1930 पर सूचना मिलते ही बैंकों एवं भुगतान संस्थाओं के साथ तत्काल समन्वय, शिकायत की real-time स्थिति की जानकारी, फ्रीज अथवा बरामद धनराशि की समयबद्ध वापसी तथा शिकायतों के विभिन्न चरणों के लिए स्पष्ट समय-सीमा और जवाबदेही की व्यवस्था मजबूत की जाए।इसके अतिरिक्त ग्रामीण एवं कम डिजिटल-साक्षर नागरिकों के लिए जिला स्तर पर साइबर शिकायत सहायता व्यवस्था विकसित करने तथा साइबर अपराध से संबंधित केंद्रीय एजेंसियों, राज्य पुलिस, बैंकों एवं भुगतान संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की भी मांग की गई है।खंडेलवाल ने शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा है कि डिजिटल इंडिया की सफलता केवल डिजिटल लेनदेन बढ़ाने में नहीं, बल्कि नागरिकों के धन और डिजिटल विश्वास की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी है। इसलिए साइबर फ्रॉड के विरुद्ध व्यवस्था को केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया, धन की recovery और पीड़ित-केंद्रित शिकायत निवारण पर समान रूप से केंद्रित किया जाना आवश्यक है।यह पहल किसी एक व्यक्ति की समस्या तक सीमित न होकर देशभर में साइबर एवं डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी से प्रभावित आम नागरिकों की समस्याओं को नीतिगत स्तर पर सामने रखने का प्रयास है।खंडेलवाल के इस पत्र पर आवश्यक कार्रवाई करने हेतु इसे श्री राजेश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, Indian Cyber Crime Coordination Centre, नई दिल्ली के पास आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रसारित कर दिया गया है।व्यापक जनहित से जुड़े इस अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील विषय को लेकर खंडेलवाल ने विश्वास व्यक्त किया है कि केंद्र सरकार द्वारा मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक एवं प्रभावी कदम शीघ्र उठाए जाएंगे। इससे देशभर में साइबर एवं डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी से प्रभावित तथा संभावित रूप से प्रभावित होने वाले करोड़ों नागरिकों को राहत मिलेगी और उनकी आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल लेनदेन के प्रति विश्वास को भी और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।