भारत की आत्मा समरसता मे बसती है : अमर बाउरी

भारत की आत्मा समरसता मे बसती है : अमर बाउरी

डीजे न्यूज, धनबाद: भाजपा धनबाद महानगर के तत्वावधान में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान जोड़ाफाटक रोड स्तिथ राम मंदिर में स्थापित काशी संत शिरोमणि रविदास जी के जन्म स्थल से आए कलश को शक्ति मंदिर तक पहुंचाया गया। इसके पहले कलश की विधिवत पूजा पाठ की गई। इसके बाद धनबाद सांसद ढूलू महतो एवं धनबाद विधायक राज सिन्हा सहित मंडल अध्यक्षों ने कलश को अपने सर पर लेकर पैदल ही शक्ति मंदिर गए।  शक्ति मंदिर प्रांगण में धार्मिक संगोष्ठी कर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की भावना व आदर्श को आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए संकल्पित कलश बंधन करते हुए विधायक राज सिन्हा, विधायक रागिनी सिंह तथा विधायक शत्रुघ्न ने अपने-अपने विधानसभा के रथ को झंडी दिखाकर अपनी विधानसभा में रवाना किया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता धनबाद महानगर के जिला अध्यक्ष श्रवण राय ने की। संचालन जिला के महामंत्री एवं इस कार्यक्रम के प्रभारी रुपेश सिन्हा ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर की गई।
संगोष्ठी में संत कन्हैया जी महाराज, गुरुद्वारा के ग्रंथि जितेंद्र सिंह, शक्ति मंदिर ट्रस्ट के सदस्य  गुरुद्वारा के सदस्य उपस्थित थे।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्रवण राय ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी किसी एक समाज के संत नहीं थे बल्कि संपूर्ण मानवता महान पथ प्रदर्शक थे।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं समरसता संकल्प अभियान के संयोजक अमर बाउरी ने बताया कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी भक्ति आंदोलन के महान संत, श्रेष्ठ समाज सुधारक और महान आध्यात्मिक चिंतक थे।  उन्होंने समाज के करोड़ों वंचितों एवं उपेक्षित लोगों को सम्मान, आत्मविश्वास और जीवन का उद्देश्य प्रदान किया। साथ ही समाज में सुधार, समरसता का मार्ग दिखाया। यही कारण है कि देशभर के करोड़ों लोग जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर उन्हें मान, सम्मान एवं श्रद्धा के साथ स्मरण करते हैं। आवश्यकता है कि उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए हम सभी मिलजुल कर भारत को परम वैभव के शिखर में पहुंचाने का काम करें।
पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने कहा कि संत संत शिरोमणि रविदास महाराज जी के विचारों को सभी जाति धर्म के लोग अनुसरण किया करते थे। उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का काम करते थे। आज भी गुरु ग्रंथ साहिब में 42 छंद ऐसे हैं जो संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के द्वारा लिखित है। उन्होंने अपने जीवन में इसे आत्मसात करने पर जोर दिया।
बाघमारा के विधायक शत्रुघ्न महतो ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास महाराज जी उस समय के संत हुए जिस समय धर्मांतरण पुरजोर चल रहा था। बल से, छल से,डर दिखाकर हिंदुओं का धर्मांतरण किया जा रहा था। हिंदुओं को जाति जाति में खंडित कर उन्हें कमजोर कर धर्मांतरण किया कराया जा रहा था। जिसे संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी ने कठोराघात करते हुए समस्त हिंदुओं को एक पथ पर रखने का प्रयास किया।
संगोष्ठी के पश्चात संतजनों  और मंचस्थ अतिथियो के द्वारा सभी मंडल अध्यक्ष को उनके मंडल मे ले जाने के लिए कलश का वितरण किया गया।

मौके पर पार्टी के प्रदेश मंत्री सरोज सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सदस्य संजीव अग्रवाल,  राजकुमार अग्रवाल, योगेंद्र यादव, प्रियंका रंजन, मानस प्रसून, राजेश पासवान, महेश पासवान, अजय निषाद, प्रियंका देवी, बच्चा गिरी, कंचन चौरसिया, मौसम सिंह, रामजीत भुइया, गीता सिंह, रिंकू सिंह, शिवांश श्रीवास्तव, नित्यानंद मंडल, अनिल सिन्हा,  हुलास दास, इंद्रभूषण कुशवाहा, बसंती सिंह, गौतम चौधरी, राजाराम दत्ता, सोनू श्रीवास्तव, दिनेश रवानी, बलराम चौहान, किशुन महतो, संतोष रवानी उपस्थित थे।

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