बढ़े हुए हौंसले के साथ करें री-नीट की तैयारी
बचे हुए समय को सदुपयोग करते हुए मेडिकल अभ्यर्थी को क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए, ये बता रहे हैं गोल-इंस्टिच्यूट, धनबाद के केंद्र निदेशक एवं प्रसिद्ध मोटिवेटर संजय आनंद सर
डीजे न्यूज, धनबाद : अब जबकि मात्र 7 दिन री-नीट के लिए बचे हैं। स्वभाविक रूप से यही समय होता है, एक प्रतियोगी को अपने फिजिकल स्टैटस को सही रखते हुए मैंटल स्टैटस को बैलेंस कर अब तक प्राप्त-नॉलेज को सहेजते हुए तैयारी को फाइनल टच देने का।
सच है, कि इस समय को जो सही मार्गदर्शन में साध लेते हैं, तो साधारण छात्र भी असाधारण सफलता हासिल करते हैं, और अगर असाधारण सोंच के साथ जुझारूपन बनाए रखते है तो रैंकर और टॉपर बनते हैं। कही जाती है कि ज्यादातर असफल लोग तैयारियां तब छोड़ देते है, जबकि उन्हें ये पता नहीं होता कि सफलता चंद कदम दूर
थी।
बचे हुए समय को सदुपयोग करते हुए मेडिकल अभ्यर्थी को क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए, ये बता रहे हैं, गोल-इंस्टिच्यूट, धनबाद के केंद्र निदेशक एवं प्रसिद्ध मोटिवेटर संजय आनंद सर :
छात्र टेस्ट के मार्क्स को दूसरे से तुलना ना करें, अपने-आप को कमतर नहीं आंकें ।
निगेटिव विचार, निगेटिव लोगों के साथ ही किसी भी तरह के निगेटिव टाइम किलर एक्टिभिटी से भी दूर रहें
निगेटिव मार्किंग को कम कर स्पीड के साथ एकुरेसी को बनाए रखने के लिए अब तक के बनाए गए प्रश्नों
के मिस्टेक्स कमीटेड प्रश्नों को री-सोल्व करें एवं रि-कॉल-डायरी का पेरियोडिकली रीबीजन करते रहें।
एन.सी.ई.आर.टी. के साथ ही टीचर्स नोट्स के अंडर लाइन-पार्ट, फिगर के साथ लैबलिंग, मैमोरी बेस्ड पार्ट, फौर्मूलाज, नेम्ड-रिएक्सन, कनवर्जन, री-एजेन्ट नेम, युनिट नेम, महत्वपूर्ण की वर्ड को बार-बार दोहराते रहे।
नयी चीजें नहीं पढ़ें, प्रश्नों को सौल्भ एवं अटेमम्ट करने के स्मार्ट तरिक को एक्सपर्ट-गाइडेंस में सिखें एवं लास्ट-रांउड रिविजन को पूरे आत्मविश्वास के साथ पूरा करें।
प्रश्न कैसा होगा, कट ऑफ क्या होगा, इसकी चिंता ना करें। अंतिम के 180 प्रश्नों तक फाइटिंग
कैपेसिटी बनाए रखते हुए बनने वाले हर प्रश्न को एक्यूरेसी के साथ बनाकर आएं ।
छात्र अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए नींद पूरी लें एवं अपनी क्षमता और तैयारी पर भरोसा करें।