बांग्ला भाषा उन्नयन समिति ने स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस को किया याद
डीजे न्यूज, धनबाद: झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति की ओर से जेपी हास्पिटल धनबाद में मंगलवार को महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद खुदीराम बोस का शहादत दिवस मनाया गया। लोगों ने खुदीराम बोस की शहादत को स्मरण करते हुए उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर नमन किया।
समिति के उपाध्यक्ष भवानी बंदोपाध्याय ने शहीद खुदीराम बोस के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए उन्हें देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
उन्होंने कहा कि आजादी की अलख के कारण कक्षा नौ में ही पढ़ाई छोड़कर वह स्वदेशी आंदोलन और ‘रिवोल्यूशनरी पार्टी’ से जुड़ गए। 1905 के बंगाल विभाजन विरोधी आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
समिति के संस्थापक बेंगू ठाकुर ने कहा कि
ब्रिटिश घेराबंदी के दौरान उनके साथी प्रफुल्ल चाकी ने खुद को गोली मारकर शहादत दी। वहीं, मात्र 18 वर्ष की आयु में खुदीराम बोस मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में हाथ में भगवद्गीता लिए “एक बार बिदाइ दे मां फिरे आसि” कहते हुए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए।
मां भारती के इस वीर सपूत के बलिदान दिवस पर समिति के सभी सदस्यों एवं उपस्थित लोगों ने उन्हें शत-शत नमन किया।
बेंगू ठाकुर, पारितोष घोषाल, साधन चैटर्जी, मुकुल चंद्र, रघुनाथ राय, भवानी बंदोपाध्याय, जिला प्रेसिडेंट सुजीत रंजन, जिला सेक्रेटरी पार्थ सारथी दत्त, रुही दास, मुख अतिथि प्रदीप मंडल, अशोक पाल , समीर सरकार, गोविन्दो ठाकुर, मंदिरा बनर्जी, पीयू भंडारी, अग्रिम, सोनाली, रोहित, आर्यन, ओम कुमार, समीर मंडल, प्राचार्या सोभोना भट्टाचार्य, सुजीत रंजन उपस्थित थे ।