अनुशासन और संस्कारों की मिसाल है सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की वंदना सभा : सुप्रिया बर्णवाल

अनुशासन और संस्कारों की मिसाल है सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की वंदना सभा : सुप्रिया बर्णवाल

डीजे न्यूज, गिरिडीह : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में शुक्रवार को आयोजित प्रातःकालीन वंदना सभा में अनुशासन, संस्कार और आध्यात्मिक वातावरण की झलक देखने को मिली। माई लिटिल फ्लावर्स किड्स प्ले स्कूल की प्राचार्या एवं अभिभाविका सुप्रिया कुमारी बर्णवाल विद्यालय की वंदना व्यवस्था और संस्कारयुक्त शैक्षणिक वातावरण से अभिभूत हुईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुप्रिया कुमारी बर्णवाल, मेनका दीदी एवं सुजाता दीदी ने मां सरस्वती और भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलित कर तथा पुष्पार्चन के साथ किया। इसके बाद विद्यालय के भैया-बहनों ने भावपूर्ण सामूहिक वंदना प्रस्तुत की।

इस अवसर पर मेनका दीदी ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया। वहीं, अनीता दीदी ने अंगवस्त्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया।

अपने संबोधन में सुप्रिया कुमारी बर्णवाल ने कहा कि प्रतिष्ठित विद्यालय की वंदना सभा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। यहां की वंदना व्यवस्था सुंदर, अनुशासित और संस्कारयुक्त है, जो अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के साथ-साथ उनके संस्कारों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। बच्चों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और अच्छे संस्कारों का विकास करना ही शिक्षा का वास्तविक स्वरूप है। उन्होंने विद्यालय के आचार्यों एवं दीदी जी के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में विद्यालय की सभी दीदी जी तथा कक्षा षष्ठ से दशम तक की छात्राएं उपस्थित रहीं। वंदना सभा ने विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान का संदेश दिया।

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