भूजल संरक्षण एवं एक्विफर प्रबंधन की दिशा  में धनबाद में पहल तेज

भूजल संरक्षण एवं एक्विफर प्रबंधन की दिशा  में धनबाद में पहल तेज

एनआईयूए की टीम ने धनबाद का किया दौरा, शहरी भूजल प्रबंधन सेल की संभावनाओं पर विमर्श

डीजे न्यूज, धनबाद: धनबाद में लगातार बढ़ती भूजल संबंधी चुनौतियों के बीच गुरुवार को एनआईयूए  (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स) की टीम ने धनबाद नगर निगम का दौरा किया। टीम ने भूजल प्रबंधन, एक्विफर संरक्षण तथा शहरी क्षेत्रों में भूजल के सतत उपयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर एक्विफर प्रबंधन पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से भूजल के वैज्ञानिक आकलन, उसके पुनर्भरण, संरक्षण एवं दीर्घकालिक प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में सेम (सस्टेनेबल एक्विफर मैनेजमेंट) पायलट परियोजना के अंतर्गत धनबाद में किए गए कार्यों एवं प्राप्त अनुभवों को साझा किया गया। चर्चा में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि धनबाद जैसे खनन-प्रभावित शहरी क्षेत्र में भूजल का प्रबंधन केवल जलस्रोतों के संरक्षण तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसके लिए भूजल की उपलब्धता, पुनर्भरण की क्षमता, उपयोग के स्वरूप तथा स्थानीय परिस्थितियों की वैज्ञानिक समझ विकसित करना आवश्यक है। भूजल के संभावित ह्रास और उसके दीर्घकालिक प्रभावों को देखते हुए इस दिशा में समयबद्ध एवं समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

विमर्श के दौरान शहरी क्षेत्र में एक समर्पित भूजल प्रबंधन सेल स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। ऐसे संस्थागत तंत्र के माध्यम से भूजल संबंधी आंकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण, संबंधित विभागों के बीच समन्वय, पुनर्भरण की संभावनाओं की पहचान, संरक्षण संबंधी उपायों की योजना तथा उनके क्रियान्वयन की निगरानी को व्यवस्थित किया जा सकता है। इस संदर्भ में धनबाद नगर निगम को शहरी भूजल प्रबंधन की एक प्रभावी एवं अनुकरणीय कार्यप्रणाली विकसित करने की संभावनाओं वाले निकाय के रूप में देखा गया।

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि भूजल संरक्षण को केवल तकनीकी अथवा विभागीय गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़े अभियान के रूप में विकसित करना होगा। नागरिकों के बीच भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन, स्थानीय जलस्रोतों के संरक्षण तथा भूजल पुनर्भरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया। साथ ही, केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB), राज्य भूजल संबंधी संस्थाओं, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DWSD) तथा नगर निगम के बीच तकनीकी सहयोग और संस्थागत समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर धनबाद नगर निगम के प्रतिनिधियों, DWSD के अभियंताओं, केंद्रीय भूजल बोर्ड के वैज्ञानिकों तथा मेघ पाइन (Megh Pyne) से जुड़े एकलव्य प्रसाद सहित अन्य संबंधित प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के अनुभवों और तकनीकी विशेषज्ञता के समन्वित उपयोग के माध्यम से धनबाद में भूजल प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक, सहभागी एवं टिकाऊ बनाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

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