आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के 50 टीम स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के इंटरनल हैकाथॉन के बाद राष्ट्रीय दौर के लिए चुने गए

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के 50 टीम स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के इंटरनल हैकाथॉन के बाद राष्ट्रीय दौर के लिए चुने गए

डीजे न्यूज, धनबाद : आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2026 का 12 घंटे का इंटरनल हैकाथॉन आयोजित किया गया। इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) और नरेश वशिष्ठ सेंटर फॉर टिंकरिंग एंड इनोवेशन (एनवीसीटीआई) की ओर से आयोजित इस हैकाथॉन में 119 दलों के 714 छात्रों ने हिस्सा लिया।

छात्रों ने एसआईएच 2026 पोर्टल पर दिए गए 85 रियल वर्ल्ड प्रॉब्लम स्टेटमेंट पर काम किया। ये समस्याएं केंद्रीय मंत्रालयों, सरकारी संस्थानों, राज्य सरकारों और इंडस्ट्री पार्टनर्स की ओर से दी गई थीं। इनमें मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज, मिनिस्ट्री ऑफ कोल, इसरो, डीआरडीओ और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड सहित कई संस्थान शामिल थे। छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, माइनिंग सेफ्टी, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, गवर्नेंस, अर्थ साइंसेज और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े समाधान तैयार किए। एसआईएच गाइडलाइन के मुताबिक हर टीम में छह छात्र थे और कम से कम एक महिला छात्र शामिल थी। छात्रों ने एनएलएचसी लैब-1, लैब-2, लैब-3 और सेंट्रल लाइब्रेरी की चौथी मंजिल पर रातभर काम कर अपने प्रोटोटाइप तैयार किए। इसके बाद 24 सदस्यीय ज्यूरी के सामने टीमों ने अपने समाधान पेश किए। ज्यूरी ने प्रॉब्लम की समझ, इनोवेशन, टेक्निकल फीजिबिलिटी, इम्पैक्ट और प्रेजेंटेशन के आधार पर मूल्यांकन किया। मूल्यांकन के बाद 50 टीमों को एसआईएच 2026 के नेशनल राउंड के लिए चुना गया।

डीन (इनोवेशन एंड कॉरपोरेट रिलेशंस) प्रो. आलोक कुमार दास ने कहा, “स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन छात्रों को देश से जुड़े वास्तविक समस्याओं पर काम करने का मौका देता है। रातभर छात्रों की एनर्जी और आइडियाज ने आईआईटी (आईएसएम) में बढ़ती इनोवेशन कल्चर की ताकत दिखाई।”

कन्वेनर प्रो. मधुलिका गुप्ता ने कहा, “अलग-अलग ब्रांच और बैच के 700 से ज्यादा छात्रों को रातभर साथ मिलकर काम करते देखना काफी प्रेरणादायक रहा। नेशनल राउंड के लिए चुनी गई सभी टीमों को हमारी शुभकामनाएं।”

कार्यक्रम का आयोजन निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा और डिप्टी डायरेक्टर प्रो. सारत कुमार दास के मार्गदर्शन में किया गया। इसे प्रो. मधुलिका गुप्ता, प्रो. हसवंत वुंडाविल्ली, प्रो. ओमकार मयपती, प्रो. अरुण दयाल उदय और एनवीसीटीआई टीम ने कोऑर्डिनेट किया।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top