स्पीड ब्रेकर हटे तो सड़कों पर बढ़ा मौत का खतरा, 27 हादसों का हवाला देकर जनता मजदूर संघ ने खोला मोर्चा
अभिषेक सिंह ने प्रशासन को दी चक्का जाम की चेतावनी, झरिया से सिंदरी तक भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण की मांग
डीजे न्यूज, झरिया/धनबाद : झरिया कोयलांचल की सड़कों पर बेलगाम भारी वाहनों की रफ्तार और लगातार हो रहे जानलेवा हादसों को लेकर जनता मजदूर संघ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के महामंत्री अभिषेक सिंह ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के कारण झरिया और आसपास के प्रमुख मार्गों से वैज्ञानिक तरीके से बनाए गए स्पीड ब्रेकर हटाए जाने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए गए तो संघ आम जनता के साथ जोरदार आंदोलन और चक्का जाम करेगा।
अभिषेक सिंह ने कहा कि झरिया-केन्दुआ मुख्य मार्ग, एनएच-218, फुसबंगला, डिगवाडीह, ऊपर कुल्ही और अन्य संवेदनशील इलाकों में कोयला ढुलाई करने वाले हाइवा और भारी वाहनों की तेज रफ्तार आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। इन सड़कों पर स्कूली बच्चों, कामगारों, महिलाओं और राहगीरों का सुरक्षित आवागमन मुश्किल हो गया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने स्थानीय लोगों की मांग पर कई संवेदनशील स्थानों पर वैज्ञानिक तरीके से गति अवरोधक बनवाए थे। इससे भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने में मदद मिली थी। लेकिन बाद में कथित राजनीतिक द्वेष के कारण मशीनों से इन स्पीड ब्रेकरों को हटवा दिया गया। इसके बाद भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सड़क हादसों का खतरा फिर बढ़ गया है।
**27 दर्दनाक हादसों का दिया हवाला**
जनता मजदूर संघ ने वर्ष 2015 से नवंबर 2026 तक झरिया और आसपास के इलाकों में हुए 27 प्रमुख सड़क हादसों का ब्योरा प्रस्तुत किया है। संघ के अनुसार, इन दुर्घटनाओं में इंजीनियरिंग और बीटेक के छात्र, स्कूली छात्राएं, बीसीसीएल कर्मी, दुकानदार, महिलाएं और आम नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
संघ ने गोपालीचक मोड़, कतरास मोड़, फुसबंगला चौक, सिंहनगर, पाथरडीह, बस्ताकोला, जेलगोरा और झरिया-सिंदरी मार्ग को दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील बताया है। हाल के दिनों में 22 अक्टूबर को सिंहनगर में नारायण ठाकुर और तीन नवंबर को ऊपर कुल्ही में जहांगीर की भारी वाहन की चपेट में आने से हुई मौत का भी उल्लेख किया गया।
**तीन प्रमुख मांगों पर दिया जोर**
संघ ने प्रशासन से झरिया-केन्दुआ मुख्य मार्ग, एनएच-218, फुसबंगला, डिगवाडीह और ऊपर कुल्ही सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर मानक के अनुरूप वैज्ञानिक स्पीड ब्रेकरों का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। इसके अलावा कोयला ढुलाई में लगे हाइवा और भारी वाहनों के लिए नो एंट्री नियमों का सख्ती से पालन कराने तथा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गति सीमा निर्धारित करने की मांग उठाई है।
संघ ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले सभी पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
अभिषेक सिंह ने कहा कि किसी परिवार का बेटा, किसी का पिता और किसी का जीवनसाथी सड़क हादसों में जान गंवा रहा है। केवल मुआवजे की घोषणा कर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता। लोगों की जान बचाने के लिए ठोस और स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
उन्होंने दो टूक कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द स्पीड ब्रेकरों का पुनर्निर्माण नहीं कराया और भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर लगाम नहीं लगाई तो जनता मजदूर संघ जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा और जरूरत पड़ने पर चक्का जाम भी किया जाएगा।