विकास योजनाओं में देरी और गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं : डीसी
गिरिडीह में SCA, DMFT और अनटाइड मद की योजनाओं की समीक्षा, लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश
डीजे न्यूज, गिरिडीह : जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने संबंधित अधिकारियों और कार्यकारी एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया है। गुरुवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी, लापरवाही और गुणवत्ता से जुड़ी अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में SCA, DMFT, अनटाइड सहित अन्य मदों के तहत संचालित विकास योजनाओं तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की प्रगति और पूर्णता की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजनावार भौतिक प्रगति, लंबित कार्यों, पूर्ण हो चुकी योजनाओं और क्रियान्वयन में आ रही तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं का आकलन किया गया।
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों और कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप गति देते हुए गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की स्वीकृति का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ लक्षित क्षेत्रों और आम लोगों तक समय पर पहुंचेगा।
### अधूरी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें
वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीसी ने पूर्ण हो चुकी योजनाओं से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। वहीं, अपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य कारणों से बाधाएं आ रही हैं, उनका संबंधित विभागों और कार्यकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर तत्काल समाधान किया जाए। अनावश्यक पत्राचार और प्रक्रियागत विलंब से बचते हुए समस्याओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
### अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश
उपायुक्त ने विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों और कार्यकारी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। बैठक में योजनाओं की समयबद्ध पूर्णता के साथ उनकी गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला योजना पदाधिकारी, संबंधित विभागों के पदाधिकारी, तकनीकी अधिकारी और विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।