लगान रसीद की शिकायतें लंबित मिलीं तो कार्रवाई, सरकारी जमीन से हटेगा अतिक्रमण
देवघर में जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश, भू-अर्जन और मुआवजे के मामलों के लिए सभी अंचलों में लगेंगे तीन दिवसीय शिविर
डीजे न्यूज, देवघर : जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर मंगलवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भू-अर्जन, मुआवजा भुगतान, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, पेंशन, आवास और राजस्व से जुड़ी समस्याएं रखीं। उपायुक्त ने एक-एक कर शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को जांच कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, पेंशन, मंईयां सम्मान योजना और राजस्व से संबंधित कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया।
जनता दरबार में उपायुक्त ने लगान रसीद से जुड़ी शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि लगान रसीद संबंधी आवेदनों और शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
*भू-अर्जन और मुआवजे के लिए लगेंगे विशेष शिविर**
भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और रैयतों की समस्याओं के समाधान के लिए उपायुक्त ने जिला स्तर के साथ–साथ सभी अंचलों में तीन दिवसीय विशेष शिविर आयोजित करने की घोषणा की। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोजित होने वाले इन शिविरों में भू-अर्जन से संबंधित लंबित आवेदनों और शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य रैयतों को राहत देना और लंबित मामलों का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है।**स्कूल की जमीन पर कब्जा करने वालों पर होगी कार्रवाई**
जनता दरबार में सारवां अंचल के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, नारंगी की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला भी सामने आया। उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए सारवां के अंचलाधिकारी को स्कूल की जमीन तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया। साथ ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निष्पादन की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि आम लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।