बीसीसीएल की पहल पर सड़क मरम्मत शुरू
डीजे न्यूज, तिसरा,धनबाद : झरिया-बलियापुर मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर सड़क निर्माण संघर्ष मोर्चा के आंदोलन की चेतावनी के बाद बीसीसीएल प्रबंधन हरकत में आया है। लोदना और बस्ताकोला क्षेत्र के प्रबंधकों की पहल पर शुक्रवार सुबह से ग्रेडर मशीन के जरिए सड़क के गड्ढों की भराई और मरम्मत का काम शुरू कराया गया। इसके बाद मोर्चा ने फिलहाल सड़क जाम और भारी वाहनों की ट्रांसपोर्टिंग ठप करने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है।
मोर्चा ने सर्वसम्मति से 9 अक्टूबर से मोहरीबांध समेत अन्य स्थानों पर ट्रांसपोर्टिंग के भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया था। सड़क की मरम्मत शुरू होने के बाद मोर्चा के नेता तुलसी रवानी, प्रभाष सिंह और कन्हैया लाल सिंह ने फिलहाल आंदोलन टालने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रबंधन की ओर से दुर्गापूजा तक सड़क किनारे रोशनी की व्यवस्था और नियमित पानी का छिड़काव कराने का आश्वासन दिया गया है।
नेताओं ने कहा कि झरिया-बलियापुर सड़क पर घनुडीह से गोलकडीह तक आग और भू-धंसान का खतरा लगातार बढ़ रहा है। करीब आधा किलोमीटर का सड़क हिस्सा राहगीरों और वाहनों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है। दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए सड़क की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करना बेहद जरूरी है। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि दुर्घटना होने पर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
मोर्चा के नेताओं ने जनप्रतिनिधियों से भी इस गंभीर समस्या पर पहल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की बदहाली के साथ असामाजिक तत्वों का खतरा भी बना रहता है।
**उपायुक्त से स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग**
सड़क निर्माण संघर्ष मोर्चा के संयोजक मंडली की ओर से उपायुक्त, नगर आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर दुर्गापूजा शुरू होने से पहले सड़क किनारे स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराने का आग्रह किया गया है। मोर्चा का कहना है कि रोशनी की समुचित व्यवस्था होने से श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से पूजा में शामिल हो सकेंगे।
इस दौरान चौधरी चरण महतो समेत बीसीसीएल प्रबंधन के प्रतिनिधि सक्रिय दिखे। मौके पर तुलसी रवानी, कन्हैया लाल सिंह, अशोक कुमार श्रीवास्तव, राजेंद्र पासवान, श्रीराम गोराई, बाबूलाल विश्वकर्मा, बनवारी शर्मा, हीरालाल गोराई, पशुपतिनाथ देव, जयराम रवानी और त्रिलोचन महतो समेत अन्य लोग उपस्थित थे।