एआई से इंसान की जिंदगी बदलने वाले समाधान तैयार करें विद्यार्थी : सोनल गोयल
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में कॉन्सेट्टो’26 के पहले दिन आईएएस अधिकारी ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र
डीजे न्यूज, धनबाद : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उद्देश्य केवल तकनीकी नवाचार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके जरिए आम लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने वाले समाधान तैयार किए जाने चाहिए। एआई मानवीय बुद्धिमत्ता का विकल्प नहीं, बल्कि नई सोच और समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है। यह बात 2008 बैच की त्रिपुरा कैडर की आईएएस अधिकारी सोनल गोयल ने शुक्रवार को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में कही।
कॉन्सेट्टो’26 के पहले दिन पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष व्याख्यान में उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल, नेतृत्व क्षमता और जीवन में सफलता के सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी एआई का उपयोग अपनी रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ाने के लिए करें। तकनीक की वास्तविक सफलता इसी में है कि उससे समाज और आम लोगों के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आता है।
अपने प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए सोनल गोयल ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद सामूहिक प्रयास, संवाद और आपसी सहयोग से बड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम समितियों के सहयोग से स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों का उदाहरण दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के लिए पांच सी—करेज, कन्विक्शन, कंसिस्टेंसी, कंपैशन और कोलैबोरेशन—अर्थात साहस, आत्मविश्वास, निरंतरता, संवेदनशीलता और सहयोग को जीवन में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से आगे बढ़ने के लिए इन गुणों का होना जरूरी है।
माउंट किलिमंजारो की चढ़ाई और एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने और कठिन परिस्थितियों में भी प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आत्ममूल्यांकन, अपनी क्षमताओं की पहचान और जीवन का उद्देश्य निर्धारित करने पर भी जोर दिया।
सोनल गोयल ने महिला-पुरुष समानता, सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल और मानसिक स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर किसी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचने, अनावश्यक स्क्रीन टाइम से बचने और पढ़ाई के दबाव के बीच अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी।
व्याख्यान के बाद आयोजित सवाल-जवाब सत्र में विद्यार्थियों ने तकनीक, नेतृत्व, करियर और लोकसेवा से जुड़े सवाल पूछे। यह कार्यक्रम आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित वार्षिक टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट कॉन्सेट्टो’26 का हिस्सा था।