साझा प्रयास से ही पॉश कानून होगा प्रभावशाली : प्रधान जिला जज मार्तंड प्रताप मिश्रा
गिरिडीह व्यवहार न्यायालय में पॉश कानून और कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता पर सेमिनार
सुप्रीम कोर्ट की वरीय अधिवक्ता विभा दत्ता मखीजा ने किया ऑनलाइन संबोधन
डीजे न्यूज, गिरिडीह: माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में व्यवहार न्यायालय गिरिडीह के परिसर में मंगलवार को पॉश (POSH)कानून एवं लैंगिक संवेदनशीलता और चुनौतियों से निपटने की रणनीति के विषय पर सेमिनार सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह मार्तंड प्रताप मिश्रा, प्रधान जिला कुटुंब न्यायालय संतोष कुमार, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम कंवलजीत चोपड़ा, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अष्टम रवि शंकर मिश्रा, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश षष्टम प्रीति कुमारी, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रकाश सहाय एवं सचिव चुन्नूकांत ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम को सुश्री विभा दत्ता मखीजा, वरीय अधिवक्ता उच्चतम न्यायालय ने ऑनलाइन संबोधित किया।
उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से उक्त कानून के विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश से उक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि इस कानून को अधिक प्रभावशाली ढंग से उपयोग में लाने के लिए सभी के साझा प्रयास की आवश्यकता है।व हीं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सफदर अली नैयर और मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने उक्त विषय पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी स्मृति त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में गिरिडीह न्यायमंडल के न्यायिक पदाधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ के अधिवक्ता गण, व्यवहार न्यायालय के कर्मचारी गण और पारा लीगल वॉलिंटियर्स शामिल रहे।