RTI कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने वित्त मंत्रालय से की शिकायत, ग्राहक ने कहा NO, फिर भी क्यों आ रहा है कॉल?
डीजे न्यूज, गिरिडीह : बैकिंग ग्राहकों को उनकी इच्छा के विरुद्ध क्रेडिट कार्ड लेने के लिए बार-बार फोन, SMS, ई-मेल एवं WhatsApp संदेश भेजे जाने की शिकायत को लेकर एक गंभीर ग्राहक-हित मामला सामने आया है। इसी संबंध में वित्त विभाग के सचिव के समक्ष शहर के सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल के द्वारा एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई ह
खंडेलवाल ने शिकायत में कहा है कि कुछ निजी बैंकों द्वारा ग्राहकों के खाते में उपलब्ध जमा राशि, लेन-देन एवं बैंकिंग संबंध को आधार बनाकर क्रेडिट कार्ड लेने के लिए लगातार संपर्क किया जाता है। विशेष चिंता की बात यह है कि ग्राहक द्वारा स्पष्ट रूप से मना किए जाने के बाद भी यदि प्रचारात्मक संपर्क जारी रहता है, तो ग्राहक के लिए यह सुविधा के बजाय मानसिक परेशानी और अनावश्यक दबाव का विषय बन जाता है।
खंडेलवाल ने संबंधित नियामकीय प्राधिकरण से मांग की है कि सभी निजी बैंकों एवं क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि किसी ग्राहक की स्पष्ट असहमति के बाद उसे बार-बार क्रेडिट कार्ड लेने के लिए संपर्क न किया जाए।
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि बैंक ग्राहकों की “Do Not Contact / No Promotional Communication” जैसी प्राथमिकताओं का प्रभावी रिकॉर्ड रखें और उनके उल्लंघन पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
खंडेलवाल का कहना है कि “बैंकिंग उत्पाद ग्राहक की आवश्यकता और स्वतंत्र इच्छा पर आधारित होने चाहिए। जब ग्राहक को क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता होगी, वह स्वयं आवेदन कर सकता है। ‘नहीं’ कहने के बाद बार-बार संपर्क करना ग्राहक की सुविधा नहीं, बल्कि उसके निर्णय के सम्मान का प्रश्न है।”
यह मामला केवल किसी एक ग्राहक का नहीं, बल्कि उन सभी बैंक ग्राहकों के अधिकार, निजता और स्वतंत्र निर्णय से जुड़ा विषय है जो अनचाही प्रचारात्मक कॉल और संदेशों से परेशान होते हैं। अब निगाह संबंधित विभाग और बैंकों की कार्रवाई पर है कि ग्राहकों की स्पष्ट असहमति का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।