राजगंज के युवक भूषण रजक ने सीवान की किशोरी को परिजनों से मिलाया
डीजे न्यूज, धनबाद : जब तंत्र और व्यवस्थाएं किसी काम को करने में विफल होती हैं तो मानवता काम आती है। कुछ ऐसा ही बिहार के सीवान की रहने वाले एक परिवार के साथ हुआ। पांच माह पूर्व एक 16 वर्षी किशोरी गुड़िया कुमारी अपने परिवार से जुदा होकर सीतामढ़ी चली गई थी। स्वजनों ने स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन वह नहीं मिली। लेकिन धनबाद के राजगंज में रहने वाले एक युवक भूषण रजक के प्रयास से वह किशोरी शनिवार को अपने परिजनों तक पहुंच गई।
यह है मामला : गुड़िया कुमारी अपनी मां उर्मिला देवी के साथ हरियाणा के कुंडली थाना क्षेत्र में रहती थीं। वह मूल रूप से बिहार के सिवान की निवासी हैं। बीते चार अप्रैल को किशोरी अचानक अपने घर से लापता हो गई। मां उर्मिला देवी ने अपने स्तर से बेटी की खोजबीन करने के बाद कुंडली थाना में अपनी शिकायत की। शिकायत के बाद पुलिस ने छानबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बीच उर्मिला देवी को कतरास में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार संजीत रजक से डिफेंडर आफ इंटरनेशनल ह्यूमन राइट काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष भूषण रजक के बारे में जानकारी मिली। जून में उर्मिला ने भूषण रजक से संपर्क किया और अपनी पुत्री को खोजने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि वे मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं, लेकिन वे हरियाणा में रहकर काम करती हैं। पुत्री भी उनके साथ रहती थी। इसी अपील के बाद भूषण रजक ने मामले को लेकर अपने संगठन के केंद्रीय पदाधिकारियों से संपर्क किया और युवती की खोजबीन शुरू की। इसमें बिहार और हरियाणा पुलिस की भी मदद ली गई। इसी दौरान पता चला कि बिहार के सीतामढ़ी में रहने वाली पिंकी देवी के पास गुड़िया रह रही है। जब पिंकी को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने भूषण रजक से संपर्क किया और गुड़िया को उनकी मां उर्मिला देवी के हवाले कर दिया। इसके बाद हरियाणा के कुंडली थाना को भी किशोरी के मिलने की सूचना दे दी गई।