महाविद्यालय व्यक्तित्व निर्माण का मंच : डॉ. इंद्रजीत कुमार
प्राचार्य ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दिए अनुशासन और समर्पण के मंत्र
डिग्री कॉलेज टुंडी में नवप्रवेशित छात्रों के लिए इंडक्शन मीट आयोजित, एनईपी-2020, एनएस और खेल-कला की दी गई जानकारी
डीजे न्यूज,
टुंडी, धनबाद : सरकारी डिग्री कॉलेज टुंडी में सत्र 2026-2030 में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए सोमवार को इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए छात्रों का स्वागत करना और उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. इंद्रजीत कुमार ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. इंद्रजीत कुमार ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता के विकास का भी महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन का पालन तथा महाविद्यालय की सभी शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
इस इंडक्शन मीट की कोऑर्डिनेटर डॉ. कुसुम रानी ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न समितियों, उपलब्ध सुविधाओं एवं छात्रहित से जुड़ी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, समय-प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
एनएसएस प्रोग्राम कॉर्डिनेटर डॉ. रानी सिंह ने राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों से विद्यार्थियों को अवगत कराते हुए समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने अधिक से अधिक विद्यार्थियों को एनएसएस से जुड़ने का आह्वान किया।
कॉलेज परीक्षा नियंत्रक प्रो. अविनाश कुमार ने एनईपी-2020, परीक्षा प्रणाली, आंतरिक मूल्यांकन, उपस्थिति, विश्वविद्यालय के नियमों तथा परीक्षा संबंधी आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को *नियमित अध्ययन एवं समयबद्ध तैयारी* की सलाह दी।
*स्पोर्ट्स इंचार्ज प्रो. मुकेश दास* ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद भी व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर महाविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
*कल्चरल सेक्रेटरी प्रो. शालिनी डुंगडुंग* ने विद्यार्थियों को संगीत, नृत्य, नाटक, वाद-विवाद, कविता-पाठ एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सांस्कृतिक मंच प्रतिभाओं को निखारने का सर्वोत्तम माध्यम है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के विभिन्न प्रकोष्ठों, गतिविधियों एवं अवसरों के संबंध में अपने प्रश्न पूछे, जिनका शिक्षकों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने इसे अपने महाविद्यालयी जीवन के लिए *अत्यंत प्रेरणादायक एवं उपयोगी* बताया।