सिंफर में बंगीय संगीत परिषद की वार्षिक परीक्षा बच्चों की प्रतिभा ने जीता सभी का दिल

सिंफर में बंगीय संगीत परिषद की वार्षिक परीक्षा

बच्चों की प्रतिभा ने जीता सभी का दिल

डीजे न्यूज, धनबाद: सिंफर कम्युनिटी सेंटर में रविवार को हॉबी सेंटर एवं सिंफर स्टाफ क्लब के संयुक्त तत्वावधान में बंगीय संगीत परिषद, कोलकाता के बैनर तले वार्षिक परीक्षा का आयोजन किया गया। इस आयोजन में धनबाद, बोकारो समेत विभिन्न जिलों से करीब 250 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को परखने के साथ-साथ उन्हें अपनी रचनात्मक क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना था।

वार्षिक परीक्षा के दौरान पेंटिंग, संगीत और नृत्य जैसी विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पेंटिंग परीक्षा में विद्यार्थियों की व्यवहारिक परीक्षा के साथ-साथ थ्योरी और मौखिक परीक्षा भी आयोजित की गई। निर्धारित समय सीमा के भीतर बच्चों ने वाटर कलर और क्रेयॉन का शानदार उपयोग करते हुए प्रकृति, सामाजिक जीवन, पर्यावरण, लोक संस्कृति और कल्पनाशील विषयों पर आकर्षक एवं दर्शनीय चित्र तैयार किए।

हॉबी सेंटर के पेंटिंग आर्टिस्ट शिवशंकर धर ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य केवल अंक देना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति और कलात्मक समझ का मूल्यांकन करना है। उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष बच्चों ने जो पेंटिंग तैयार की थीं, उन्हें भी बंगीय संगीत परिषद, कोलकाता के मुख्य परीक्षक एवं प्रसिद्ध कलाकार नीलांशु भट्टाचार्य के समक्ष प्रदर्शित किया गया, जिसकी सभी ने सराहना की।
संगीत प्रतियोगिता में गिटार वादन करने वाले प्रतिभागियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति देकर माहौल को संगीतमय बना दिया।

वहीं भरतनाट्यम नृत्य प्रतियोगिता में कलाकारों ने निर्णायक बरनाली मुखर्जी के समक्ष मनमोहक प्रस्तुति दी। बच्चों की शानदार प्रस्तुति से उपस्थित अतिथि, अभिभावक और दर्शक भावविभोर हो गए तथा तालियों की गूंज से पूरा सभागार गूंज उठा।

पेंटिंग प्रतियोगिता के बाद शिवशंकर धर ने प्रत्येक चित्र का बारीकी से मूल्यांकन किया और बच्चों को उनकी कला को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों की खुले दिल से प्रशंसा किए जाने से बच्चों का आत्मविश्वास और मनोबल काफी बढ़ा।

शिवशंकर धर ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में छिपी कलात्मक प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम हैं। साथ ही उन्हें झारखंड की पारंपरिक लोक कलाओं, संस्कृति और विरासत से जोड़ने का प्रयास भी किया जाता है, ताकि आने वाले समय में ये बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाकर धनबाद और झारखंड का नाम रोशन कर सकें।

कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि हॉबी सेंटर के विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक आकर्षक और दर्शनीय चित्र प्रस्तुत किए, जिन्हें सभी ने खूब सराहा। पूरे आयोजन के सफल संचालन में जोयिता धर, स्नेहा दत्ता, पल्लवी बनर्जी, स्नेहा, अंशु मल्होत्रा और बुद्धदेव भट्टाचार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top