राजकीय श्रावणी मेला : श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग के लिए नई तकनीकों का लिया जाएगा सहारा
सिर्फ उद्घोषणा ही नहीं, सेवाभाव और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाएं दायित्व
मेला क्षेत्र में 34 सूचना सह सहायता केन्द्रों व 10 मातृत्व विश्राम गृह में प्रतिनियुक्त कर्मियों को अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निवर्हन करने का दिया निदेश
डीजे न्यूज, देवघर : राजकीय श्रावणी मेला के दौरान देवघर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और हर संभव सहयोग को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से तत्पर है। इसी क्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देशानुसार बुधवार को सूचना भवन सभागार में नगर आयुक्त देवघर सुलोचना मीना व अनुमंडल पदाधिकारी, देवघर रवि कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ब्रीफिंग के माध्यम से मेला क्षेत्र में अधिष्ठापित केंद्रों में ऑडीशन से आये सभी नव-चयनित सूचना सह सहायता कर्मियों (उद्घोषक) एवं मातृत्व विश्राम गृह में सहयोगी कर्मी को उनके कार्यों और दायित्वों को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई।
मेला क्षेत्र में सेवाभाव से देवतुल्य श्रद्धालुओं का करें हर संभव सहयोग
ब्रीफिंग के दौरान नव-चयनित कर्मियों को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त सुलोचना मीना ने कहा कि आप सभी सूचना सह सहायता कर्मियों का कार्य सिर्फ बिछड़े हुए कांवरिया बंधुओं को उनके परिजनों से मिलाना मात्र नहीं है, बल्कि आपको पूरे सेवाभाव और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना है। उन्होंने कर्मियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालु हमारी प्राथमिकता हैं, और उनके चेहरे पर संतोष देखना ही जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है। आगे उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधुनिक तकनीकों का बड़े पैमाने पर सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष न केवल देवघर के सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में फैले सभी सूचना सह सहायता केंद्रों को आपस में जोड़ा जाएगा, बल्कि पूरे सूचना तंत्र को तकनीकी रूप से पहले से कहीं अधिक बेहतर और हाईटेक बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि भीड़ में बिछड़े हुए बम भाइयों के पते और उनके परिजनों की सटीक जानकारी ढूंढने तथा उनसे तुरंत संपर्क स्थापित करने में काफी सहूलियत होगी।
इसके अलावा अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने ब्रीफिंग के दौरान कहा कि इतने बड़े मेले में भीड़ नियंत्रण, अपनों से बिछड़े लोगों को मिलाने और आपातकालीन सूचनाओं के त्वरित प्रसार में सूचना सह सहायता कर्मियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी कर्मियों को मुस्तैदी और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की हिदायत दी। साथ ही उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सही और सटीक जानकारी देना सूचना कर्मियों की मुख्य जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी उद्घोषकों को निर्देश दिया कि वे अत्यंत शालीनता और मधुर व्यवहार के साथ श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करें ताकि उन्हें मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। अनुमंडल पदाधिकारी ने मातृत्व विश्राम गृह में लगने वाली महिला सहयोगी कर्मी का भूमिका सबसे महत्वपूर्ण बताया और कहा यह बहुत बड़ी जिम्मेवारी है जिसमें कोताही का कोई गुंजाईश नहीं है। अंत में उन्होंने सभी उद्घोषकों को पूरी लगन के साथ मेले को सफल और सुगम बनाने में अपना योगदान देने के निर्देश दिए साथ में यह भी कहा की अपने ड्यूटी पर तय समय से आधा घंटा पूर्व पहुंचेंगे तथा अपनी उपस्थिति व्हाट्सप्प ग्रुप एवं हाजरी बही में दर्ज कराएँगे। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती ने जानकारी दी कि राजकीय श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में 34 सूचना सह सहायता केन्द्र एवं 04 टोटो चौबिसों घंटे कार्यरत रहेंगे, ताकि किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित सविधा मुहैया करायी जा सके। इसके अलावा मेला के दौरान बाबा नगरी आने वाले महिला श्रद्धालुओं के साथ बच्चों के सुविधा एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 10 मातृत्व विश्राम गृह का निर्माण कराया गया है। साथ ही मातृत्व विश्राम गृह में सैनिटरी पैड, बच्चों के डायपर, बिस्कीट, दूध उपलब्ध कराया जाएगा एवं महिला कर्मियों की प्रतिनियुक्ति भी इन केन्द्रों पर की जायेगी। जहाँ टोटो नहीं जा सकेगी वहां पर पहुँच के लिए दो बायकर्स मुस्तैद रहेंगे। सर्राफ स्कूल में केंद्रीय सूचना केंद्र संचालित रहेगा जहाँ से काँवरिया को विशेष सहायता के तहत उनके घर तक भेजवाने का महत्वपूर्ण जिम्मेवारी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं उनके सहयोगी टीम की होगी।
इस दौरान सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, संबंधित विभाग के कर्मी एवं सभी सूचना सह सहायता कर्मी उपस्थित थे।