मिड-डे मील के चावल की चोरी पर डीएसई का सख्त प्रहार
एक किलो भी घर ले गए तो होगी सेवामुक्ति, एफआईआर भी होगी
डीजे न्यूज, धनबाद : धनबाद जिले में पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत बच्चों के लिए आवंटित खाद्यान्न के कथित दुरुपयोग को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएसई ने जिले के सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए सख्त आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि विद्यालय परिसर से एक ग्राम भी खाद्यान्न बाहर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। आदेश के उल्लंघन पर रसोइया सहायिका की तत्काल सेवामुक्ति, प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) धनबाद ने सोमवार को जिले के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, बीआरपी, सीआरपी तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं संयोजिका को पीएम पोषण योजना के खाद्यान्न के संरक्षण और उपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि विभिन्न स्तरों से यह अत्यंत गंभीर मामला संज्ञान में आया है कि जिले के कुछ विद्यालयों में कार्यरत रसोइया संयोजिका मध्याह्न भोजन पकाने के लिए उपलब्ध कराए गए चावल में से प्रतिदिन लगभग एक-एक किलोग्राम अथवा कुछ मात्रा बचाकर अवैध रूप से अपने घर ले जा रही हैं।
डीएसई ने स्पष्ट किया है कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत मिलने वाला खाद्यान्न पूरी तरह बच्चों के पोषण के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। इसका निजी उपयोग अथवा विद्यालय परिसर से बाहर ले जाना सरकारी संपत्ति का गबन तथा गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। साथ ही इसे संबंधित प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंधन समिति की लापरवाही भी माना जाएगा।
आदेश के अनुसार विद्यालय के चावल, दाल, तेल सहित किसी भी खाद्यान्न का एक ग्राम भी विद्यालय परिसर से बाहर ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। भविष्य में यदि किसी विद्यालय में रसोइया या अन्य कर्मी खाद्यान्न घर ले जाते हुए पकड़े जाते हैं तो संबंधित रसोइया सहायिका को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया जाएगा।
डीएसई ने यह भी निर्देश दिया है कि विद्यालय के खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण और सही उपयोग की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक की होगी। निरीक्षण के दौरान स्टॉक में कमी मिलने या गबन प्रमाणित होने पर प्रधानाध्यापक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी तथा संबंधित थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
निर्देश में कहा गया है कि प्रतिदिन भोजन पकाने से पहले बच्चों की उपस्थिति के आधार पर निर्धारित मानक के अनुसार ही चावल भंडार से निकाला जाए। प्राथमिक विद्यालयों में प्रति छात्र 100 ग्राम तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 150 ग्राम चावल की निर्धारित मात्रा का पालन किया जाएगा। साथ ही विद्यालयों में दैनिक खपत एवं भौतिक स्टॉक पंजी का अद्यतन संधारण अनिवार्य रहेगा।
डीएसई ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, बीआरपी और सीआरपी को निर्देश दिया है कि वे विद्यालय भ्रमण के दौरान रसोईघर एवं खाद्यान्न भंडार का औचक निरीक्षण करें, भौतिक स्टॉक का वजन कराकर उसका पंजी से मिलान सुनिश्चित करें। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।