आइआइटी-आइएसएम में 24 दिवसीय गुरु दक्षता फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम शुरू
डीजे न्यूज, धनबाद: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम) धनबाद के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (MMTTC) के तहत शुक्रवार को 24 दिवसीय ऑनलाइन गुरु दक्षता फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम (FIP) की शुरुआत हुई। 3 जुलाई से 29 जुलाई तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में नव नियुक्त शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और दक्षताओं से सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन एमएमटीटीसी की निदेशक प्रो. मृणालिनी पांडेय ने किया। उन्होंने एमएमटीटीसी की ओर से पिछले कुछ वर्षों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम (NFLP), फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) और कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम (CBP) जैसे कार्यक्रम शिक्षकों के पेशेवर विकास और संस्थागत क्षमता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रोहित पी. जॉन ने कहा कि यह इंडक्शन प्रोग्राम नए शिक्षकों को उच्च शिक्षा के बदलते परिवेश, राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक माहौल में शिक्षकों के लिए अपने शिक्षण, मार्गदर्शन और मेंटरिंग कौशल को लगातार बेहतर बनाना बेहद जरूरी है।
डॉ. राजालिंगम थंगावेल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम शिक्षकों के पेशेवर और संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस पहल के सफल आयोजन के लिए शिक्षा मंत्रालय और एमएमटीटीसी के सहयोग की सराहना की।
देशभर के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों से बड़ी संख्या में शिक्षक इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। अगले 24 दिनों के दौरान देश के 24 प्रमुख शिक्षण संस्थानों के 24 प्रतिष्ठित शिक्षाविद प्रतिभागियों को कुल 48 व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का पहला व्याख्यान प्रो. कुमार सुरेश ने दिया। उन्होंने उच्च शिक्षा में वैश्विक रुझानों, सुधारों, चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
इस फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम में उच्च शिक्षा का इकोसिस्टम, पाठ्यक्रम डिजाइन, आउटकम बेस्ड लर्निंग, चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, टीचिंग-लर्निंग एवं असेसमेंट, एजुकेशनल टेक्नोलॉजी, पर्सनल एवं इमोशनल डेवलपमेंट, काउंसलिंग, रिसर्च, प्रोफेशनल डेवलपमेंट, एकेडमिक लीडरशिप, एकेडमिक इंटीग्रिटी, संवैधानिक मूल्य, मानवाधिकार, पर्यावरण संरक्षण, सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स तथा स्ट्रेटेजिक प्लानिंग एवं मैनेजमेंट जैसे दस प्रमुख मॉड्यूल शामिल किए गए हैं।