संवेदनशील पदों पर जमे अधिकारी ही बस्ताकोला की समस्याओं की जड़ : आसनी सिंह महाप्रबंधक से वार्ता, तबादला का आश्वासन

संवेदनशील पदों पर जमे अधिकारी ही बस्ताकोला की समस्याओं की जड़ : आसनी सिंह
महाप्रबंधक से वार्ता, तबादला का आश्वासन
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : श्रमिकों के कई लंबित मामलों को लेकर बुधवार को बस्ताकोला महाप्रबंधक कार्यालय में राष्ट्रीय जनता कामगार संघ के पदाधिकारियों एवं प्रबंधन के महाप्रबंधक एस. के. गायकवाड के साथ वार्ता हुई। बैठक में संघ ने 13 सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान संवेदनशील पदों पर वर्षों से जमे अधिकारियों की मनमानी और एकाधिकार का मुद्दा सबसे अधिक गरमाया रहा।
संघ की महामंत्री आसनी सिंह पहली बार बस्ताकोला पहुंचीं और महाप्रबंधक से आमने-सामने वार्ता की। उन्होंने कहा कि “संवेदनशील पदों पर वर्षों से जमे अधिकारी ही पूरे बस्ताकोला क्षेत्र की समस्याओं की जड़ हैं। इन्हीं अधिकारियों की वजह से पूरा क्षेत्र परेशान है।”
इस पर महाप्रबंधक एस. के. गायकवाड ने भी माना कि मौजूदा विवाद की मुख्य वजह यही अधिकारी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जुलाई माह के अंत तक सभी संवेदनशील पदों पर तैनात अधिकारियों का तबादला कर दिया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याएं उत्पन्न न हों।
बैठक में आवासों की जर्जर स्थिति पर भी तीखी चर्चा हुई। संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि कई अपात्र लोगों ने बीसीसीएल के आवासों पर अवैध कब्जा कर रखा है। एक-एक व्यक्ति के पास तीन-तीन क्वार्टर हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश क्वार्टर जर्जर होकर गिरने की स्थिति में पहुंच चुके हैं, लेकिन 6.19 लाख रुपये की मरम्मत उन आवासों में कराई जा रही है, जो जर्जर नहीं हैं।
महाप्रबंधक ने इस स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा कि गिरासू क्वार्टरों की अनदेखी से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में महिलाओं की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन ने बताया कि पूरे क्षेत्र में महिलाओं के लिए एक भी शौचालय नहीं है। पेयजल संकट एवं लो वोल्टेज की समस्या से भी लोग परेशान हैं। गर्मी को देखते हुए ठंडे पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की गई। इस पर महाप्रबंधक ने कहा कि पानी की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा तथा लो वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा।
आसनी सिंह ने आरोप लगाया कि बस्ताकोला में एक ही यूनियन का दबदबा कायम है। जो कर्मचारी शिकायत करते हैं, उन्हें डराया और धमकाया जाता है। इस पर महाप्रबंधक एस. के. गायकवाड ने कहा कि उनका मोबाइल नंबर सभी कर्मचारियों के पास उपलब्ध है और वह 24 घंटे फोन उठाते हैं। कोई भी कर्मचारी बिना किसी डर के सीधे उनसे अपनी शिकायत कर सकता है। एरिया सेक्रेटरी संजय कुमार महतो ने कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिना पैसे दिए यहां कोई काम नहीं होता। एक कागज पास कराने के लिए कर्मचारियों को दस-दस चक्कर लगाने पड़ते हैं। जो लोग पैसे नहीं देते, उन्हें ट्रांसफर की धमकी दी जाती है, जबकि पैसे देने वालों का काम तुरंत हो जाता है। उन्होंने दावा किया कि अब रिश्वत की मांग 5 लाख से 10 लाख रुपये तक पहुंच गई है। संघ की ओर से प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि जुलाई माह के अंत तक दिए गए सभी आश्वासन पूरे नहीं हुए तो राष्ट्रीय जनता कामगार संघ उग्र आंदोलन करेगा और चक्का जाम किया जाएगा। संजय कुमार महतो ने कहा कि कर्मचारी अब तक सब कुछ सहते रहे हैं, लेकिन अधिकारी किसी की सुनने को तैयार नहीं हैं। वहीं आसनी सिंह ने दोहराया कि राष्ट्रीय जनता कामगार संघ कर्मियों के हक और अधिकार के लिए हमेशा संघर्ष करता रहेगा। बैठक में केंद्रीय सचिव प्रशांत कुमार, केंद्रीय उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी बिमलेश सिंह, हरेराम सिंह, सचिव आदित्य कुमार, क्षेत्राधिकारी अंगद सिंह, दीपक सिंह समेत कई अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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