जब शिक्षक समुचित रूप से प्रशिक्षित होते हैं तो वे अपनी भूमिकाओं का निर्वहन आत्मविश्वास एवं प्रभावशीलता से करते हैं : डीसी बनर्जी
डीएवी में तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन
डीजे न्यूज, धनबाद : डीएवी झारखण्ड प्रक्षेत्र-बी के अंतर्गत कोयलानगर, सी.एफ.आर.आई तथा जामाडोबा में सी.ए.ई डीएवी सी एम सी नई दिल्ली के तत्वावधान में तीन दिवसीय कार्यशाला बुधवार को संपन्न हो गई। इसमें झारखंड प्रक्षेत्र-B के डीएवी कोयला नगर, डीएवी सीएफआरआई डिग्वाडीह, जामाडोबा, डीएवी कुसुंडा, अलकुशा, मुनीडीह, लोदना तथा डीएवी बरोरा के प्री-प्राइमरी लेकर माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक के सभी विषयों के 470 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकायें, प्रशिक्षक, समन्वयक, संकुलप्रधान, प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यशाला में समग्र विकास, कौशल और समावेशिता पर ध्यान केंद्रित करते हुए आलोचनात्मक सोच, अनुभवात्मक शिक्षा, बहुभाषावाद पर जोर दिया गया है। साथ ही लचीले, योग्यता-आधारित मूल्यांकन और ऑन-डिमांड बोर्ड परीक्षाओं के साथ रटने की प्रथा से दूर जाने पर जोर दिया गया है। मौके पर डीएवी कोयला नगर की प्राचार्या डी सी बनर्जी ने शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब शिक्षक समुचित रूप से प्रशिक्षित होते हैं तो वे अपनी भूमिकाओं का निर्वहन अधिक आत्मविश्वास एवं प्रभावशीलता के साथ करते हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया पर पड़ता है। वहीं मुनीडीह की प्राचार्या सह क्लस्टर हेड इंदु प्रसाद ने मास्टर ट्रेनरों एवं प्रतिभागी शिक्षक-शिक्षिकाओं करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से मिले ज्ञान और कौशल का उपयोग अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए करेंगे। आगे उन्होंने कार्यशाला को शिक्षकों के ज्ञानवर्धन, कौशल विकास और शिक्षण गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। वहीं वहीं डीएवी सी.एफ.आर.आई की प्राचार्या महुआ सिंह ने शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि केवल साक्षरता बढ़ाना नहीं, बल्कि कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना तथा शिक्षकों का निरंतर व्यावसायिक विकास सुनिश्चित करना है। वहीं धनबाद जिला के प्रतिष्ठित डॉ श्यामल ने ईईडीपी शिक्षिकाओं को बच्चों को मनोवैज्ञानिक तरीके से खेल-खेल में शिक्षित करने जोर दिया। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने भी आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यालय पाठ्यक्रम के सभी विषयों को रोचक और प्रभावशाली बनाने के तरीकों से अवगत करवाया एवं विभिन्न गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव तथा सामूहिक चर्चा के तरीके बताये गये। मौके पर डीएवी लोदना की प्रभारी डॉ अभिलाषा कुमारी भी मौजूद थीं।