आठ महीने बाद भी हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं, बहन न्याय के लिए घनुडीह ओपी के बाहर धरने पर बैठी

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आठ महीने बाद भी हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं, बहन न्याय के लिए घनुडीह ओपी के बाहर धरने पर बैठी

पुलिस के व्यवहार से भड़के परिजनों ने झरिया-बलियापुर मुख्य मार्ग किया जाम, विधायक रागिनी सिंह पहुंचीं

डीजे न्यूज, तिसरा (धनबाद) : भाई की हत्या के मामले में आठ महीने बीत जाने के बावजूद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज बोकारो थर्मल निवासी रश्मि सिंह बुधवार को घनुडीह ओपी परिसर के बाहर धरने पर बैठ गईं। न्याय की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध बाद में सड़क जाम तक पहुंच गया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर मामले की अनदेखी करने और कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

रश्मि सिंह ने बताया कि उनके भाई तुषार सिंह 11 नवंबर को काम करने के लिए उड़ीसा गए थे। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। परिवार ने इस संबंध में पुलिस प्रशासन को सूचना भी दी थी। कुछ दिनों बाद घनुडीह ओपी क्षेत्र में तुषार सिंह का शव बरामद हुआ। रश्मि सिंह का आरोप है कि उस समय भी परिवार ने पुलिस को बताया था कि तुषार सिंह की हत्या कर शव को वहां फेंका गया है।

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक रिपोर्ट नहीं दी गई। साथ ही हत्या के आरोपितों की गिरफ्तारी भी नहीं हो सकी है। इसी कारण न्याय की गुहार लेकर वह घनुडीह ओपी के बाहर धरने पर बैठी हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

धरने के दौरान पुलिस प्रशासन और रश्मि सिंह के परिजनों के बीच नोकझोंक भी हुई। इससे आक्रोशित परिजनों ने झरिया-बलियापुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम की सूचना मिलने पर झरिया विधायक रागिनी सिंह मौके पर पहुंचीं और रश्मि सिंह तथा उनके परिजनों से बातचीत की।

इस दौरान परिजनों ने विधायक के समक्ष आरोप लगाया कि लगभग आठ महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस हत्यारों का पता लगाने में विफल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्याय मांगने पर पुलिसकर्मियों द्वारा डंडा उठाकर डराने का प्रयास किया गया, जो उचित नहीं है। परिजनों ने संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग करते हुए कहा कि तभी वे जाम समाप्त करेंगे।

मौके पर विधायक रागिनी सिंह ने परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के समक्ष उठाया जाएगा और न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद भी परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते रहे।

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