प्रशासनिक चुस्ती से माेहनाद में शांति, तीन आरोपित गए जेल
भाजपा नेता ज्ञान रंजन सिन्हा ने ग्रामीणों से मिलकर कहा-पुलिस-प्रशासन पर रखें भरोसा
डीजे न्यूज, टुंडी, धनबाद : दक्षिणी टुंडी के बरवाटांड़ पंचायत अंतर्गत मोहनाद गांव में शांति समिति की बैठक के बाद शांति बहाल हो गई है। प्रशासन ने वहां तैनात पुलिस बल को वापस बुला लिया है। इधर सरफुद्दीन अंसारी के परिजन जो बवाल के बाद टुंडी अपने रिश्तेदार के आवास चले गए थे, वापस अपने घर लौट गए है। पुलिस ने मोहनाद बवाल के बाद हिरासत में लिए गए अशरफ अंसारी, उसके पिता व गृह मालिक सरफुद्दीन अंसारी एवं वाहन चालक जो गोविंदपुर के देवली का है मनव्वर अंसारी को रविवार को जेल भेज दिया है। वहीं सरफुद्दीन अंसारी के छोटे बेटे को भी आरोपित बनाया गया है। पुलिस छोटे बेटे को निर्दोष मान रही है।
इस मामले में एक और प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। वहीं प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य एवं ग्रामीण भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा रविवार को मोहनाद पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की।
ज्ञान रंजन ने ग्रामीणों से धैर्य और संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने अपना काम अब तक संतोषजनक तरीके से कर किया है। ग्रामीणों को पुलिस और प्रशासन पर भरोसा रखने की सलाह दी। उनके साथ पूर्व मुखिया प्रेमचंद राजवंशी, सामाजिक कार्यकर्ता राम जीवन कुम्भकार, धनेश्वर राजवंशी, दुर्योधन कुम्भकार, भाजपा नेता राजेश कुम्भकार, गणेश राजवंशी सहित कई लोग उपस्थित थे।
क्या था मामला
मोहनाद गांव में शुक्रवार की शाम प्रतिबंधित मांस और मालवाहक में गोवंश मिलने के बाद भारी बवाल मच गया था। सैकड़ों आक्रोशित लोगों ने आरोपितों को उसके घर में ही घेर लिया था। इधर मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ से आरोपितों को सुरक्षित निकालकर ले जाने के लिए फायरिंग भी करनी पड़ी थी। फायरिंग और लाठीचार्ज के बाद पुलिस तीनों आरोपितों को पथराव के बीच सुरक्षित हिरासत में लेकर थाना ले आई थी। वहां तनाव को देखते हुए निषेधाज्ञा लगा दी गई थी। हिरासत में लिए गए लोगों में आरोपित अशरफ अंसारी, उसके पिता व गृह मालिक सरफुद्दीन अंसारी एवं वाहन चालक जो गोविंदपुर के देवली का है मनव्वर अंसारी शामिल थे। इस मामले में ग्रामीण राजकुमार कुंभकार समेत ग्रामीणों की संयुक्त शिकायत पर सरफुद्दीन अंसारी, अशरफ अंसारी, उसके छोटे भाई व चालक मनव्वर अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी की थी।