झरिया-तिसरा की खबरें: –
मुआवजे के लिए रैयतों ने ठप कराया भौरा आउटसोर्सिंग का कोयला डिस्पैच
तकनीकी निदेशक संजय कुमार सिंह के आश्वासन के बाद पांच घंटे बाद बहाल हुई ट्रांसपोर्टिंग
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : जमीन के बदले मुआवजे की मांग को लेकर शनिवार को भौरा के रैयतों ने पूर्वी झरिया क्षेत्र की एकीकृत भौरा आउटसोर्सिंग परियोजना से होने वाली कोयला डिस्पैच एवं ओबी ट्रांसपोर्टिंग को परसियाबाद मोड़ के पास ठप करा दिया। आंदोलन के कारण परियोजना का कामकाज प्रभावित हो गया और झरिया-भौरा मुख्य सड़क पर हाइवा वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सूचना मिलते ही महाप्रबंधक टी पासवान, कोलियरी मैनेजर अमित कुमार, एपीएम सुधांशू महाजन, भौरा पुलिस, सीआईएसएफ तथा आंतरिक सुरक्षा विभाग के जवान मौके पर पहुंचे। हालांकि आंदोलनकारी रैयतों ने प्रबंधन के साथ वार्ता करने से इनकार कर दिया।
बताया गया कि शुक्रवार को रैयतों और प्रबंधन के बीच वार्ता प्रस्तावित थी, लेकिन बातचीत सफल नहीं होने से नाराज रैयतों ने ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद करा दिया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
रैयतों का कहना था कि पिछले 15 वर्षों से करीब 20 एकड़ जमीन पर बीसीसीएल प्रबंधन खनन कार्य कर रहा है, लेकिन अब तक उन्हें उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने मुआवजे की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की।
बाद में कोयला भवन में बीसीसीएल के तकनीकी निदेशक संजय कुमार सिंह के साथ आंदोलनकारी रैयतों की वार्ता हुई। बैठक में तकनीकी निदेशक ने सभी रैयतों से जमीन संबंधी दस्तावेज जमा करने को कहा और आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर मामले में ठोस कदम उठाया जाएगा।
आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया और करीब पांच घंटे बाद परियोजना से कोयला डिस्पैच एवं ओबी ट्रांसपोर्टिंग का कार्य पुनः शुरू हो गया।
मौके पर निरंजन महतो, श्याम महतो समेत बड़ी संख्या में रैयत एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।
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जनगणना कर्मियों के लिए चुनौती बना झरिया कोयलांचल
नक्शे में दिख रहे घर धरातल से गायब, स्थानीय विरोध से भी बढ़ी परेशानी
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : भारत की जनगणना कार्यक्रम के तहत झरिया कोयलांचल में जनगणना कर्मी पूरे उत्साह के साथ अपने कार्य में जुटे हुए हैं। हालांकि कोलियरी क्षेत्रों में उन्हें कई तरह की चुनौतियों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जनगणना कर्मियों के अनुसार, कई स्थानों पर नक्शे में जहां मकान अंकित हैं, वहां पहुंचने पर घर धरातल पर मौजूद नहीं मिल रहे हैं। कोयला उत्खनन और भू-धंसान के कारण क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहा है। कई पुराने रास्ते समाप्त हो रहे हैं तो नए रास्ते बन रहे हैं। वहीं अनेक घर भी टूट चुके हैं, जिससे सही जानकारी जुटाने में कठिनाई हो रही है।
कर्मियों ने बताया कि नजरी नक्शा तैयार करने में विशेष परेशानी आ रही है। कई बार स्थानीय लोगों के सवालों और आशंकाओं का भी सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों को भ्रम है कि यह सर्वे घर खाली कराने या विस्थापन की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। ऐसे में वे जनगणना कर्मियों से पहले आवास और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कहकर जानकारी देने से भी इंकार कर देते हैं।
जनगणना कर्मियों का कहना है कि बदलते भूगोल और लोगों की आशंकाओं के बीच सटीक आंकड़े जुटाना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए आवश्यक सहयोग और जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।
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मारवाड़ी युवा मंच ने की गो सेवा, मछलियों को भी खिलाया दाना
झरिया धनबाद गौशाला में आयोजित हुआ सेवा एवं संस्कार का कार्यक्रम
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : मारवाड़ी युवा मंच झरिया शाखा की ओर से शनिवार को बस्ताकोला स्थित झरिया धनबाद गौशाला में गो सेवा का पुण्यकारी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मंच के सदस्यों ने गौ माता को चारा एवं चोकर खिलाकर सेवा कार्य किया। साथ ही गौशाला परिसर स्थित तालाब में मछलियों को दाना भी खिलाया गया।
कार्यक्रम के दौरान शाखा के नव निर्वाचित अध्यक्ष किरण शर्मा ने कहा कि गो सेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है। सेवा भाव से जुड़ने पर समाज में नई सोच, संस्कार और मानवीय मूल्यों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सेवा और संवेदना की भावना को मजबूत करते हैं।
गो सेवा कार्यक्रम में पंकज जालुका, अंकित तुलस्यान, सन्नी अग्रवाल, चन्दन पटवारी, अरविंद शर्मा, विशाल पलसानिया, यश अग्रवाल, हितेन शर्मा, अभिषेक अग्रवाल सहित गौशाला समिति के अनिल खेमका एवं सत्यनारायण भोजगढिया समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे। सभी ने नियमित रूप से सेवा कार्यों में भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।