बेंगाबाद के उपेंद्र गोस्वामी के छह हत्यारों को आजीवन कारावास
बेटी के साथ छेड़खानी का विरोध करने पर बेरहमी से पीट कर की गई थी हत्या
डीजे न्यूज, गिरिडीह : उपेंद्र गोस्वामी हत्याकांड में शामिल शामिल सभी छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। शुक्रवार को जिला जज तृतीय हरिओम कुमार की अदालत ने अजीत राम, ललन राम, राजू शर्मा, संतोष शर्मा, सुभाष शर्मा, राजा राम उर्फ जितेंद्र राम को भरी अदालत में यह सजा सुनाई। साथ ही सभी को कुल 60 हजार रुपए जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है। जुर्माना राशि नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास काटनी पड़ेगी। घटना बेंगाबाद थाना क्षेत्र के तेलोनारी के बेलडीह टोला की है। जहां 24 अक्टूबर 2023 को यह हत्याकांड हुआ था। इसके पूर्व न्यायालय में सजा की बिंदु पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने न्यूनतम सजा की अपील की वहीं एपीपी ने कड़ी सजा देने की मांग की। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया।
सजा सुनने आए थे हत्यारों के परिवार और गांव से सैकड़ों लोग
न्यायालय ने बुधवार को इस कांड से सभी छह अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजा था। शुक्रवार को अभियुक्तों के परिवार और गांव के सैकड़ों लोग सजा सुनने न्यायालय पहुंचे थे। भीड़ इतनी अधिक हो गई थी कि हाजत पुलिस को नगर थाना से अतिरिक्त पुलिस बल मंगानी पड़ी थी। भारी वर्षा में लोग खड़े थे।
जख्म इतना गहरा था कि इलाज से नहीं बचाई जा सकी जान
घटना 24 अक्टूबर 2023 की है। इस कांड के सूचक सोमर गोस्वामी ने पुलिस को फ़र्द बयान देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कहा था कि हत्या के बीस दिन पहले उसकी पोती को स्कूल जाने के दौरान अजीत राम, राजू शर्मा और सुभाष शर्मा तालाब के पास छेड़खानी की थी। वह किसी तरह छुड़ाकर रोते हुए घर पहुँची थी। इस घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था जिसमें सभी ने हत्या करने को धमकी दी थी। 24 अक्टूबर की रात आठ बजे उनके बेटे उपेंद्र गोस्वामी के हल्ला करने की आवाज आयी। सुनकर देखा सभी जान मारने के लिए घातक हथियार से उसे मार रहे थे। सामने जाने पर तीन लोग भागने लगे वहीं अजीत राम, राजू शर्मा और सुभाष शर्मा उसे मारते रहे। मारपीट से उपेंद्र गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पहले उसे इलाज के लिए बेंगाबाद लाया गया जहां डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया था। जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में अभियोजन के तरफ़ से आठ गवाहों का परीक्षण कराया गया था ।