माध्यमिक परीक्षा में खराब प्रदर्शन पर डीसी ने प्रिंसिपलों को लगाई कड़ी फटकार
डीजे न्यूज, धनबाद: वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय निरसा सहित 11 अन्य विद्यालयों में शिक्षक रहने के बावजूद 10 या उससे अधिक प्रतिशत छात्र अनुत्तीर्ण हुए हैं। इससे नाराज उपायुक्त आदित्य रंजन ने विद्यालयों के प्रिंसिपलों को कड़ी फटकार लगाई।
परीक्षा में खराब परिणाम आने पर उपायुक्त ने उक्त विद्यालयों के प्रिंसिपल एवं शिक्षकों से स्पष्टीकरण की मांग की थी। जिसकी मंगलवार को उन्होंने समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि अशिक्षित एवं कमजोर बच्चों को समाज के उत्थान के लिए शिक्षित करना राज्य सरकार का उद्देश्य है। राज्य सरकार के इस उद्देश्य की पूर्ति करना प्रत्येक प्रिंसिपल एवं शिक्षक की व्यक्तिगत नैतिक जिम्मेदारी है। लेकिन शिक्षकों का ऐसा रवैया बच्चों का एक वर्ष, उनका भविष्य और एक पीढ़ी को खराब कर रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सभी आवश्यक संसाधन देने के लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए। इसके बावजूद परीक्षा में ऐसा खराब परिणाम असंतोषजनक होना शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान है।
वहीं रिजल्ट की समीक्षा करते हुए उन्होंने कमजोर या फेल हुए बच्चे को चिन्हित कर कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए तैयार कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसमें भी यदि बच्चा फेल होगा तो सीधे तौर पर उस शिक्षक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा के अलावा खराब प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय निरसा, उत्क्रमित उच्च विद्यालय मोराडीह निरसा, धनबाद प्राणजीवन अकादमी, उत्क्रमित उच्च विद्यालय रघुनाथपुर पूर्वी टुंडी, बीएसएस बालिका उच्च विद्यालय धनबाद, उत्क्रमित उच्च विद्यालय हरिहरपुर तोपचांची, एसएसकेबीसी उच्च विद्यालय निरसा, उत्क्रमित उच्च विद्यालय बेनागोड़िया निरसा, उच्च विद्यालय भूली नगर, उत्क्रमित उच्च विद्यालय फुलवार बाघमारा, उत्क्रमित उच्च विद्यालय टुंडू बाघमारा तथा जेकेआरआर हिंदी प्लस टू उच्च विद्यालय चिरकुंडा के प्रिंसिपल तथा शिक्षक उपस्थित थे।