



जब ठहाकों और रंगों ने एक मंच पर रचा उत्सव

हास्य कवि सम्मेलन से लेकर पारंपरिक घुमड़ तक, मारवाड़ी समाज ने मनाया यादगार होली मिलन
कोटा के अर्जुन अल्हड़ और नवलगढ़ के हरिश हिंदुस्तानी ने हास्य कविताओं से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध, लोकनृत्य और फूलों की होली बने आकर्षण
डीजे न्यूज, गिरिडीह : गिरिडीह जिला मारवाड़ी सम्मेलन के तत्वावधान में हास्य एवं व्यंग्य से भरपूर हास्य कवि सम्मेलन एवं रंगारंग नृत्य और गीतों का राजस्थानी होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम रविवार की शाम से श्री श्याम मंदिर, गिरिडीह के परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें मारवाड़ी समाज के सभी वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ सम्मेलन अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला के स्वागत संबोधन से हुआ, उसके बाद मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों का परिचय कराया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एएसपी सुरजीत कुमार उपस्थित थे। साथ ही राजनीतिक क्षेत्र से नवनिर्वाचित धनवार नगर पंचायत अध्यक्षविनय संथालिया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया एवं गिरिडीह जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संरक्षक अशोक जैन को मंच पर सम्मानित किया गया। हास्य कवि सम्मेलन में प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि अर्जुन अल्हड़ (कोटा) तथा अंतरराष्ट्रीय कवि एवं मंच संचालक हरिश हिंदुस्तानी (नवलगढ़) ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को लगातार ठहाकों से भर दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को हास्य और आनंद के वातावरण से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण राजस्थानी ठप एवं लोकनृत्य की रंगारंग प्रस्तुति रही, जिसे यश टिबड़ेवाल (कोलकाता) द्वारा प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक वेशभूषा, जीवंत नृत्य एवं संगीत ने दर्शकों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा। इस आयोजन का कुशल नेतृत्व सम्मेलन अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला, सचिव राकेश मोदी एवं संयोजक प्रदीप अग्रवाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय भूदौलिया, अनिल धनवारिया, सतीश केडिया, श्रवण केडिया, धीरज जैन, रवि बसाईवाला, अभिषेक छपरिया, सुनील मोदी, जीवन बचुका, रोहित जालान, राहुल केडिया एवं नीलकमल भरतिया सहित अनेक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सराहनीय भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए लॉटरी का आयोजन किया गया, जिसमें सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही फूलों की होली एवं पारंपरिक घुमड़ का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस भव्य आयोजन में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की, जिससे पूरा वातावरण सौहार्द, सांस्कृतिक एकता एवं सामाजिक भाईचारे से परिपूर्ण रहा। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।





