1857 नहीं 1855 में हुई थी स्वतंत्रता की पहली क्रांति : संजय सिंह
हूल दिवस पर झामुमो ने गिरिडीह में कई कार्यक्रम आयोजित किए
डीजे न्यूज, गिरिडीह : हूल दिवस के अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जिला कार्यालय में भोगनाडीह में 30 जून 1855 को जुल्म, शोषण, अत्याचार और अन्याय के खिलाफ हुई क्रांति में जो वीर शहीद हो गए थे उनको श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें नमन किया गया। उसके बाद सिदो- कान्हू सावित्रीबाई फुले पुस्तकालय प्रांगण, जसपुर, पिरटांड़ के मण्डरो पंचायत के मोनाटांड़, तुइओ पंचायत के नौकनिया में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि पहला स्वतंत्रता संग्राम 1857 नहीं 1855 में हुआ था लेकिन इतिहासकारों ने बेईमानी करके पहाला स्वतंत्रता संग्राम 1855 के जगह 1857 को बताया। उन्होंने कहा कि अभी भी देश में हूल की जरूरत है। हूल का मतलब क्रांति होता है। लेकिन अब देश में संवैधानिक तरीके से क्रांति की जरूरत है। पीरटांड़ में उन्होंने कहा कि पीरटांड़ गुरूजी का कर्म क्षेत्र रहा है। गुरूजी ने महाजनों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। आज भी हमें शोषण और अन्याय के खिलाफ लडने की जरूरत है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में वहां की भाजपा सरकार ने जंगलों को पूंजीपतियों के हाथों सौंप दिया। वहाँ अंधाधुंध पेड़ों की कटाई चल रही है और वहाँ के आदिवासी व अन्य लोग जंगल बचाने की लड़ाई लड रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा अभी षड्यंत्र रचा जा रहा है। देश के 6 राज्यों में एसआईआर चल रहा है। एसआईआर के माध्यम से वोट देने से लोगों को वंचित रखने की साजिश रची जा रही है। एसआईआर के माध्यम से आज वोट चोरी करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी मतदाता सजग रहें। महापौर प्रमिला मेहरा ने कहा कि शिक्षा से अब क्रांति करने की जरूरत है।
अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है ताकि वो भविष्य में एक अच्छा पदाधिकारी बन सकें। उप महापौर सुमित कुमार ने कहा कि आज संकल्प लेने का दिन है। हम सबों को एकजुट होकर शोषण और अन्याय के खिलाफ संवैधानिक तरीके से लडाई लड़नी होगी। जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद भैरव और फूलो झानों के नेतृत्व में लडी गई लड़ाई को 171 साल भी याद किया जा रहा है। उन लोगों के द्वारा की गई क्रांति आज भी अमर है। युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष कोलेश्वर सोरेन ने कहा कि सिदो-कान्हू, बिरसा मुंडा, शिबू सोरेन हम सबों के प्रेरणास्रोत हैं। हम अन्याय सह नहीं सकते। जिला सह सचिव दिलीप रजक ने कहा कि हम गलत करेंगे नहीं और गलत सहेंगे भी नहीं। कार्यक्रम में अभय सिंह, छात्र मोर्चा का जिला अध्यक्ष अभय कुमार, प्रेमचंद मुर्मू, मेहताब मिर्जा, अनामिका मुर्मू, दिलीप मुर्मू, श्यायलाल टुडू, राजू तुरी, जीतन सोरेन, राकेश कुमार सिंह, मोनू सिंह, राधेश्याम मोदक, विवेक सिन्हा, प्रमोद गुप्ता, मोहन स्वर्णकार सहित कई लोग मौजूद थे।