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एसआइआर को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा बैठक, समय सीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरा करने के निर्देश
डीजे न्यूज, धनबाद: विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR-2026) को त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त ने समय-सारणी के आलोक में कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विस्तारित की गई नई समय सीमा के भीतर सभी गतिविधियों, दावों, आपत्तियों और तय सुनवाइयों का निष्पादन शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO), अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों तथा निर्वाचन कर्मियों को निर्धारित समय सीमा का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया।
इस दौरान नो-मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों में प्रथम और द्वितीय नोटिस के निपटारे की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने तथा BLO द्वारा गृह भ्रमण के बावजूद दस्तावेज़ न देने वाले मतदाताओं का सत्यापन और नोटिस से इतर अन्य सभी मामलों का निपटारा करने के निर्देश तय समय पर करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही, प्रपत्र 6, 6A, 7 और 8 के तहत प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का डिजिटलीकरण भी 31 अक्टूबर तक पूरा करने को निर्देशित किया गया। वहीं छूटे हुए पात्र नागरिकों के प्रपत्र-6 का घर-घर जाकर सत्यापन और डिजिटलीकरण का कार्य 1 नवंबर से 12 नवंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी दावों और आपत्तियों का अंतिम निपटारा 23 नवंबर तक सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि 30 नवंबर, 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाना है, अतः सभी अधिकारी पूरी सजगता से कार्य करें। “कोई पात्र भारतीय नागरिक छूटे न एवं कोई अपात्र व्यक्ति जुड़े न”।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्वाचन आयोग के इस मूल मंत्र को दोहराते हुए कहा कि मतदाता सूची पूर्णतः शुद्ध और पारदर्शी होनी चाहिए। दैनिक प्रगति की निगरानी की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने किया इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण
धनबाद: कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने गुरुवार को बीसीसीएल के कोयला भवन स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय कुमार सिंह, डीआईजी (सीआईएसएफ) राजीव मिश्रा, महाप्रबंधक (ईएंडएम) राजीव रंजन करण एवं महाप्रबंधक (ईएंडटी) पी. के. मिस्त्री सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान बीसीसीएल के ईएंडटी विभाग द्वारा विभिन्न आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों की कार्यप्रणाली का विस्तृत प्रदर्शन किया गया। इस क्रम में खदानों, कोल डंप एवं वे-ब्रिज पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग, वे-ब्रिज ऑटोमेशन सिस्टम, एएनपीआर आधारित वाहन पहचान प्रणाली, आरएफआइडी आधारित बूम बैरियर सिस्टम तथा जीपीएस आधारित वाहन निगरानी प्रणाली की जानकारी दी गई।
साथ ही आईसीसीसी के माध्यम से विभिन्न परिचालन स्थलों की गतिविधियों एवं डिजिटल प्रणालियों की केंद्रीकृत निगरानी का लाइव प्रदर्शन किया गया। इन तकनीकी प्रणालियों के एकीकृत उपयोग से कोयला परिवहन एवं संबंधित परिचालन गतिविधियों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने तथा पारदर्शिता बढ़ाने में सहायता मिल रही है।
बीसीसीएल आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से परिचालन दक्षता, पारदर्शिता एवं निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाते हुए खनन एवं कोयला परिवहन गतिविधियों के आधुनिकीकरण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।