विधानसभा में विधायक राज सिन्हा ने सरकार को घेरा, मानदेय भुगतान, स्वास्थ्य योजनाओं में गड़बड़ी और नशे के कारोबार पर उठाए सवाल

विधानसभा में विधायक राज सिन्हा ने सरकार को घेरा, मानदेय भुगतान, स्वास्थ्य योजनाओं में गड़बड़ी और नशे के कारोबार पर उठाए सवाल

डीजे न्‍यूज, धनबाद : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन धनबाद विधायक राज सिन्हा ने शून्यकाल के दौरान लोकसभा और विधानसभा चुनाव 2024 में ड्यूटी करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अब तक मानदेय नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की कि चुनाव कार्य में लगाए गए सभी कर्मियों और अधिकारियों का शीघ्र भुगतान किया जाए।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 50 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं पर उठाया सवाल

विधायक राज सिन्हा ने अल्पसूचित प्रश्न के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़े कई स्वास्थ्य योजनाओं में करीब 50 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि

जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, महिला बंध्याकरण और मोतियाबिंद ऑपरेशन जैसी योजनाओं में 50 करोड़ रुपये खर्च तो कर दिए गए, लेकिन इसका लाभ कितने जरूरतमंदों को मिला?

मोतियाबिंद ऑपरेशन कैंप कहां-कहां लगाए गए और उनके परिणाम क्या रहे?

विधायक ने सरकार से इन योजनाओं में किए गए खर्च का पूरा हिसाब देने और वित्तीय अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की।

राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार पर कार्यस्थगन की सूचना दी

धनबाद विधायक राज सिन्हा ने झारखंड में लगातार बढ़ रहे नशे के कारोबार को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव देते हुए महागठबंधन सरकार पर विफलता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि

राज्य में नशे के कारोबारियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है और सरकार इसे रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।

ब्राउन शुगर और अन्य नशीले पदार्थों का कारोबार राज्य मुख्यालय रांची समेत कई जिलों में तेजी से फैल रहा है।

नशे के कारोबार में महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि वे पुलिस की नजरों से बच सकें।

विधायक सिन्हा ने सदन में मांग की कि इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा कराई जाए और सरकार मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए।

सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग

राज सिन्हा ने कहा कि अगर सरकार लोकसभा और विधानसभा चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों के मानदेय का भुगतान, स्वास्थ्य योजनाओं की वित्तीय अनियमितताओं की जांच और नशे के कारोबार पर रोक लगाने को लेकर गंभीर नहीं होती, तो यह झारखंड की जनता के साथ अन्याय होगा। उन्होंने सरकार से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की।

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