वैज्ञानिक खेती अपनाएं किसान, खेतों की उर्वरता बचाने पर दें विशेष ध्यान
पचंबा में जिला स्तरीय रबी कर्मशाला-सह-खेत बचाओ अभियान आयोजित, किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की दी गई जानकारी
डीजे न्यूज, गिरिडीह : अनुमंडलीय कृषि प्रक्षेत्र, पचंबा में बुधवार को जिला स्तरीय रबी कर्मशाला-सह-खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मौके पर उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील करते हुए कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने और कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने कहा कि कृषि जिले की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल जरूरी है। खेत बचाओ अभियान का उद्देश्य कृषि योग्य भूमि की गुणवत्ता एवं उर्वरता बनाए रखने के साथ मिट्टी और जल संसाधनों का संरक्षण करना है।
उन्होंने किसानों को रबी मौसम में गेहूं, चना, मटर, सरसों एवं अन्य फसलों की वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह दी। मिट्टी जांच के आधार पर उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल, गुणवत्तापूर्ण बीज, बीज उपचार, फसल चक्र और जैविक खाद को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराएं तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
कर्मशाला में कृषि विशेषज्ञों ने रबी फसलों की उन्नत खेती, बीज चयन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, सिंचाई प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। किसानों को फसल विविधीकरण और कृषि यंत्रीकरण के फायदे भी बताए गए।
इस दौरान पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन को किसानों की आमदनी बढ़ाने के बेहतर विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने संचालित योजनाओं एवं अनुदान की जानकारी दी। किसानों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने का निर्देश दिया।
मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, कृषि विशेषज्ञ, कृषक मित्र एवं जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।