उपायुक्त ने की बलियापुर प्रखंड में चल रही योजनाओं की समीक्षा
लापरवाही पर कई पदाधिकारियों व कर्मियों का वेतन रोकने का निर्देश
मध्य विद्यालय मोदीडीह के प्रभारी प्रधानाध्यापक को किया निलंबित, कई अधिकारियों को शो-कॉज
स्कूलों की खराब व्यवस्था पर डीएसई को शोकॉज, बीपीओ समेत बीआरपी सीआरपी का रुका वेतन
स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था ठीक नहीं पाए जाने पर एमओआईसी को बदलने के निर्देश
पंजी संधारण मे लापरवाही पर अंचल कार्यालय के लिपिकों का वेतन रोकने के निर्देश
सीडीपीओ का रुका वेतन, कई महिला पर्यवेक्षिका का भी वेतन रोकने का निर्देश
डीजे न्यूज, धनबाद: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने गुरुवार को बलियापुर प्रखंड कार्यालय के सभागार में प्रखंड तथा अंचल क्षेत्र में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
समीक्षा बैठक के साथ-साथ गठित 12 निरीक्षण टीमों द्वारा बलियापुर प्रखंड की 16 पंचायतों में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का औचक निरीक्षण किया गया। टीमों ने मनरेगा, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, जन वितरण प्रणाली, शिक्षा व्यवस्था, पेयजल योजनाओं सहित अन्य योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी। निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा के दौरान विभिन्न पंचायतों एवं संस्थानों में अनियमितता, लापरवाही एवं कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों, कर्मियों एवं संवेदकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बाल विकास परियोजना कार्यालय की समीक्षा के क्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने तथा अध्ययन स्थिति की जानकारी नहीं होने पर बलियापुर की सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिका का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया गया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मध्य विद्यालय मोदीडीह के परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र हेतु भूमि से संबंधित भ्रामक पत्र निर्गत करने के मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित करने का निर्देश दिया गया। वहीं डोलाबाद उच्च विद्यालय में खराब व्यवस्था को लेकर प्रभारी प्रधानाध्यापक को शो-कॉज करते हुए उनका वेतन भी रोकने का निर्देश दिया गया। वहीं स्कूलों की बदहाल व्यवस्था पर जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) को भी शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया गया। बलियापुर के बीपीओ का वेतन रोकने तथा बीआरसी एवं सीआरसी का वेतन रोकते हुए वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का निर्देश भी उपायुक्त ने दिया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर असंतोष व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) का वेतन रोकने तथा उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया। साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सीएचसी के स्थानांतरण से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।
कुसमाटांड पंचायत की समीक्षा के दौरान अनियमितता पाए जाने पर संबंधित भीएलई का लाइसेंस रद्द करने का निर्देश दिया गया। वहीं संबंधित डाकघर के पोस्टमास्टर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। प्रधानखंता पंचायत की समीक्षा के दौरान पंचायत सचिव को स्पष्टीकरण जारी करते हुए उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। अलकडीहा क्षेत्र में डीएमएफटी मद से संचालित कार्यों की समीक्षा के क्रम में कार्य में लापरवाही बरतने वाली संवेदक एजेंसी को हटाने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन ने राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए म्यूटेशन, विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों, स्टार मार्क मामलों तथा पंजी आगत-निर्गत की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने, अभिलेखों का नियमित संधारण करने तथा कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही सभी मामलों की सतत निगरानी करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने खाद्य आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाभुकों का ई-केवाईसी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा जिन क्षेत्रों में प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां विशेष अभियान चलाकर कार्य में तेजी लाई जाए। उपायुक्त ने लंबित आवेदनों एवं शिकायतों के त्वरित निष्पादन पर बल देते हुए जन शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने टोल फ्री नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा गोदाम से लेकर जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक आपूर्ति श्रृंखला को पारदर्शी बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने खाद्य आपूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि राशन कार्डधारियों की पात्रता की जांच पैन कार्ड के माध्यम से की जाए। साथ ही जीएसटी एवं आयकर भुगतान करने वाले लाभुकों की पहचान कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे योजना के लिए पात्र हैं अथवा नहीं। अपात्र पाए जाने वाले लाभुकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने आदर्श दाल-भात योजना केंद्रों को मानक स्वरूप में विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी केंद्रों के भवनों की रंगाई-पुताई एक समान हो, रसोइयों की वर्दी एक जैसी हो तथा फर्नीचर, बर्तन, बैनर एवं पोस्टर भी निर्धारित मानक के अनुरूप एकरूपता के साथ उपलब्ध कराए जाएं। इसके अतिरिक्त उन्होंने शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में भी दाल-भात योजना का संचालन शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने विभिन्न खाद्यान्न गोदामों की स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक मरम्मत कार्य 30 जून तक पूर्ण कर लिए जाएं। साथ ही कालियासोल एवं हीरापुर गोदाम का हैंडओवर जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा शीघ्र ग्रहण करने तथा निरसा गोदाम तक पहुंचने के लिए एप्रोच रोड का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी आधारभूत सुविधाएं समयबद्ध रूप से विकसित की जाएं।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पदाधिकारी एवं कर्मी निर्धारित समय सीमा में कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करें तथा आम जनता को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराएं।
बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।