सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर ही राजनीति को मिल सकती है नई दिशा : सुदेश महतो
पटेल जयंती पर राष्ट्र की एकता और अखंडता का लिया संकल्प
डीजे न्यूज, धनबाद: अखिल भारतीय पटेल सेवा संघ की ओर से भारतरत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती शनिवार को 8 लेन रोड स्थित भेलाटांड़ के द रीत रिसॉर्ट में धूमधाम से मनाई गई। संघ के अध्यक्ष नरेश प्रसाद सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में झारखंड सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
समारोह को संबोधित करते हुए सुदेश कुमार महतो ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को आजादी दिलाने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। वे ऐसे महान राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने राष्ट्रसेवा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे महापुरुषों का स्मरण हमें प्रेरणा देता है और देश के लिए कुछ बेहतर करने की भावना जागृत करता है।समारोह के प्रमुख वक्ता झारखंड प्रदेश जदयू के महासचिव सुशील कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान राजनीति में सरदार पटेल जैसे आदर्श व्यक्तित्व की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है। आज राजनीति में गिरावट और मूल्यहीनता का बोलबाला है। महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर है। राजनीति से जुड़े अनेक लोग इसे जनसेवा के बजाय लाभ और सत्ता सुख का माध्यम समझने लगे हैं, जबकि सरदार पटेल के लिए राजनीति राष्ट्रसेवा का माध्यम थी। वे सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से कभी समझौता नहीं करते थे।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने मूल्यों और सिद्धांतों के मामले में अपने एकमात्र पुत्र दयाभाई पटेल को भी विशेष छूट नहीं दी थी, जबकि आज की राजनीति में पुत्रमोह हावी होता दिखाई दे रहा है। राजनीति अपने मूल उद्देश्य से भटक गई है। इसे फिर से सही दिशा में लाने की जरूरत है। सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मबल और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा के बल पर देश के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। आज आवश्यकता है कि अधिक से अधिक लोग उनके बताए मार्ग पर चलें।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में संघ के अध्यक्ष नरेश प्रसाद सिन्हा ने कहा कि सरदार पटेल की जयंती मनाने का उद्देश्य लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, विविधता में एकता की भावना को मजबूत करना और राष्ट्रीय एकीकरण के महत्व को याद करना है।
समारोह में संघ के संरक्षक सुरेंद्र कुमार सिन्हा, उपाध्यक्ष बामेश्वर सिंह, सचिव रामबाबू सिंह, संयुक्त सचिव देवनंदन प्रसाद, कोषाध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह, उप कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार, कार्यकारिणी सदस्य विनोद कुमार सिन्हा, वाल्मीकि राय, आशुतोष कुमार, अजित पटेल, दिनेश प्रसाद, प्रेम प्रकाश एवं अमरजीत कुमार उपस्थित थे।