समिति ने दामोदर नदी के अतिक्रमण की विस्तृत रिपोर्ट देने का दिया निर्देश
हर्ल की जमीन की रजिस्ट्री की होगी जांच
कई उपक्रमों ने बिना अनुमति सरकारी जमीन का उपयोग किया है: मथुरा महतो
डीजे न्यूज, धनबाद: झारखंड विधानसभा की विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) ने धनबाद दौरे के अंतिम दिन बुधवार को सर्किट हाउस में हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी), टाटा कोलियरी, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) सहित अन्य उपक्रमों व विभागों की समीक्षा की। अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सह विधायक टुंडी मथुरा प्रसाद महतो ने की। बैठक में समिति के सदस्य सह विधायक सिंदरी चंद्रदेव महतो, विधायक निरसा अरूप चटर्जी, विधायक चंदनकियारी उमाकांत रजक, विधायक तोरपा सुदीप गुड़िया तथा विधायक धनबाद राज सिन्हा उपस्थित रहे।
इस क्रम में समिति अध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार को समिति ने बीसीसीएल के एरिया 11 में दामोदर नदी के किनारे पहुंचकर ओबी डंपिंग का निरीक्षण किया था। जिसमें पाया गया कि दामोदर नदी के किनारे अतिक्रमण करके भारी मात्रा में ओवर बर्डन डंप किया गया है। जिसके कारण नदी की चौड़ाई कम हो गई है। यहां तक की गार्ड वॉल को तोड़कर बड़े-बड़े बोल्डर नदी में समा गए हैं। इससे नदी तथा पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ है।
समिति ने दामोदर नदी के पास रैयतों, सरकारी व फोरेस्ट जमीन की पर हुए अतिक्रमण का, जमीन का प्लॉट संख्या, रकवा, नदी की चौड़ाई सहित, विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
समिति ने हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड की जमीन की रजिस्ट्री की जांच कराने का भी निर्देश दिया। समिति ने कहा कि जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा कि रजिस्ट्री के समय लगी स्टैम्प ड्यूटी से राज्य सरकार को राजस्व की हानि हुई है या नहीं। यदि राजस्व की हानि हुई है तो कंपनी को स्टैम्प ड्यूटी की अतिरिक्त राशि जमा करानी होगी।
बैठक के क्रम में समिति ने डीवीसी को मैथन व पंचेत में, टाटा कोलियरी तथा ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड को सरकारी, फोरेस्ट या रैयतों की भूमि अधिग्रहण का विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित अंचल अधिकारी को रैयतों के मुआवजा भुगतान के लिए पारिवारिक सूची अथवा सक्सेशन म्यूटेशन के लिए लंबित आवेदनों का जल्दी निष्पादन करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के बाद सभापति ने कहा कि समिति ने विभिन्न उपक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उपक्रमों से भूमि अधिग्रहण से संबंधित जानकारी मांगी है। कई उपक्रमों ने बिना अनुमति सरकारी जमीन का उपयोग किया है। जिसके कारण राज्य सरकार को राजस्व की क्षति हुई है। ऐसे उपक्रमों से राजस्व लिया जाएगा। साथ में संबंधित अंचल अधिकारी को मुआवजा भुगतान के लिए रैयतों के लंबित आवेदनों का जल्दी निष्पादन करने का निर्देश दिया है।
साथ ही बताया कि जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सभी विभागीय पदाधिकारियों, कंपनियों एवं आउटसोर्सिंग प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की गई। संबंधित विषयों की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो, प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ बने तथा आम जनता को बेहतर सुविधा एवं न्याय मिल सके।
बैठक के समापन पर अपर समाहर्ता विनोद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि समिति ने अपने तीन दिवसीय धनबाद दौरे में जो भी महत्वपूर्ण मामले उजागर किए हैं, उसपर यथाशीघ्र कार्रवाई कर मामलों का निष्पादन किया जाएगा।
बैठक में अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, डीएलएओ राम नारायण खालको, पुटकी, झरिया व बलियापुर के अंचल अधिकारी, बीसीसीएल, टाटा, हर्ल, ईसीएल के पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।