स्कॉलर बीएड कॉलेज की रैली से गूंजा सड़क सुरक्षा का संदेश
जागरूक नागरिक बनकर ही सुरक्षित समाज का निर्माण संभव : एसडीओ श्रीकांत यशवंत विसपुट्टे
सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं बल्कि जीवन के प्रति हमारी जिम्मेदारी : डॉ शालिनी खोवाला
डीजे न्यूज, गिरिडीह : सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के बीच जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से स्कॉलर बीएड कॉलेज गिरिडीह ने शुक्रवार को भव्य सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया।
सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा विषय पर आधारित इस कार्यक्रम ने शहरवासियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गिरिडीह के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) श्रीकांत यशवंत विसपुट्टे की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला, डीएलएड प्रभारी डॉ. हरदीप कौर तथा निदेशक विकास खेतान एवं प्रमोद कुमार उपस्थित रहे। सभी ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने फीता काटकर एवं हरी झंडी दिखाकर झंडा मैदान से जागरूकता रैली को रवाना किया।
मुख्य अतिथि एसडीओ श्रीकांत यशवंत विसपुट्टेने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी भावी राष्ट्र-निर्माता हैं। सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों के जीवन की रक्षा का दायित्व है। जागरूक नागरिक बनकर ही हम सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकते हैं।
इस मौके पर प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला ने संबोधित करते हुए कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है।
आज हम सब यहाँ केवल एक रैली निकालने के लिए एकत्रित नहीं हुए हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक संकल्प के साथ उपस्थित हुए हैं।
सड़क पर चलते समय हमारी एक छोटी-सी लापरवाही किसी परिवार की पूरी खुशियां छीन सकती है। इसलिए सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
आज हमारे प्रशिक्षुओं ने यह सिद्ध किया है कि वे समाज के प्रति अपने नैतिक दायित्वों को भली-भांति समझते हैं।
रैली झंडा मैदान से प्रारंभ होकर मधुबन वेजिस, कचहरी चौक एवं काली बाड़ी चौक होते हुए मुस्लिम बाजार बड़ा चौक पहुंची। प्रशिक्षणार्थियों के हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रेरणादायक नारे आकर्षण का केंद्र बने रहे। टावर चौक एवं बड़ा चौक में प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने लोगों को गहराई से प्रभावित किया। नाटक के माध्यम से बिना हेलमेट वाहन चलाने, तेज रफ्तार एवं यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाली दुर्घटनाओं और उससे प्रभावित परिवारों की मार्मिक तस्वीर प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं प्रशिक्षुओं ने यातायात नियमों का पालन करने एवं दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संतोष चौधरी एवं डॉ. सुधांशु शेखर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. प्रवीण मिश्रा, आशीष राज, डॉ. डॉली कुमारी, रंजीत सिंह एवं कौशल कुमार ने सक्रिय सहयोग किया। शिक्षकेत्तर कर्मियों अजय रजक, मनीष जैन एवं जय किशोर साहू का योगदान भी सराहनीय रहा। रैली मे महाविद्यालय के प्रशिक्षणार्थियों का उत्साह एवं अनुशासन विशेष रूप से देखने योग्य रहा।