सीएसआइआर के 85 साल पूरे, सिंफर धनबाद में विकसित भारत 2047 पर मंथन
पर्यावरण, समाज और सुशासन के संतुलित विकास पर जोर
डीजीएमएस महानिदेशक बोले—खनन में लक्ष्य ‘शून्य क्षति’
डीजे न्यूज, धनबाद: धनबाद के सिंफर में सीएसआइआर के 85वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में डीजीएमएस के महानिदेशक रवींद्र टी. मांडेककर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैश्विक, सामाजिक और औद्योगिक स्तर की चुनौतियों को वैज्ञानिक तरीके से कम करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल आर्थिक विकास या जीडीपी बढ़ाने से पूरा नहीं होगा। इसके लिए पर्यावरण, समाज और शासन—इन तीनों क्षेत्रों में संतुलित और समान विकास जरूरी है।
महानिदेशक ने खनन क्षेत्र में सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि महानिदेशालय के करीब 100 वर्षों के इतिहास में कोल, ऑयल और मेटल माइंस में दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में लगातार काम किया गया है। हालांकि, लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं को कम करना नहीं, बल्कि शून्य क्षति के लक्ष्य को हासिल करना होना चाहिए।
समारोह में सीएसआइआर और सीएसआइआर-सिंफर की 85 वर्षों की उपलब्धियों और देश के औद्योगिक विकास में उनके योगदान पर भी चर्चा हुई। सिंफर के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि आने वाले समय में माइनिंग सेक्टर की चुनौतियों का समाधान शोध और नवाचार के जरिए करना जरूरी है।
प्रो. मिश्रा ने बताया कि सीएसआइआर-सिंफर, डीजीएमएस, सीएमपीडीआइ और देश की विभिन्न माइनिंग इंडस्ट्रीज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नई तकनीकों और वैज्ञानिक समाधानों को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। खासकर क्रिटिकल मिनरल्स और महत्वपूर्ण खनन क्षेत्रों में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रिसर्च और इनोवेशन की भूमिका अहम होगी।