महिला मुखिया पर हमले से जनप्रतिनिधियों में आक्रोश, आरोपियों की गिरफ्तारी की उठी मांग

महिला मुखिया पर हमले से जनप्रतिनिधियों में आक्रोश, आरोपियों की गिरफ्तारी की उठी मांग

गांडेय के बेलाटांड में मां-बेटे की पिटाई का आरोप, शिकायत के दो दिन बाद दर्ज हुई प्राथमिकी; परिवार ने जताई जान का खतरा

डीजे न्यूज, गिरिडीह : गांडेय प्रखंड की मंगरोडीह पंचायत की मुखिया आशा देवी पर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। 27 अक्टूबर को हुई इस घटना को लेकर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार, मुखिया आशा देवी 27 अक्टूबर को गांडेय अंचल के बेलाटांड मौजा स्थित अपनी पुश्तैनी जमीन देखने गई थीं। यह स्थान दुखिया महादेव के समीप बताया गया है। आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए देवी लाल मुर्मू, सोना टुडू, रामलला सोरेन, लूसी किस्कू, सुबोध गोस्वामी समेत करीब 50 से 60 अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पुत्र करण कुमार के साथ भी मारपीट की गई। घटना में मां-बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों को सदर अस्पताल, गिरिडीह ले जाया गया।

**शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में देरी का आरोप**

मुखिया आशा देवी ने घटना के अगले दिन 28 अक्टूबर को गांडेय थाना और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। बाद में 30 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया। प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

**पहले भी इसी जमीन को लेकर हुई थी हत्या**

मुखिया आशा देवी ने बताया कि जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, उसी जमीन पर कुछ वर्ष पूर्व उनके ससुर की भी हत्या कर दी गई थी। उस मामले में अदालत द्वारा अभियुक्तों को सजा सुनाई जा चुकी है। उन्होंने आशंका जताई कि एक बार फिर जमीन विवाद को लेकर उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। घटना के बाद से पूरा परिवार दहशत में है।

**प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठी सुरक्षा की मांग**

मामले को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महेशलुंडी पंचायत के मुखिया शिवनाथ साव ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि महिला जनप्रतिनिधि पर इस तरह का हमला गंभीर चिंता का विषय है। जब गांव की सरकार कही जाने वाली पंचायत की मुखिया ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी पर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मांग की गई कि घटना में नामजद सभी आरोपियों के साथ अज्ञात हमलावरों की पहचान कर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

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