मुराईडीह कॉलोनी में जनकपुर मंदिर के तर्ज पर निर्मित पंडाल में विराजेंगी मां काली
डीजे न्यूज, कतरास (धनबाद): बीसीसीएल के मुराईडीह कॉलोनी में वर्ष 1983 से मां काली की पूजा हो रही है। इसके पहले मां की मंदिर बीसीसीएल के श्रमिक धौड़ा कॉलोनी बरमसिया में अवस्थित थी। कालांतर में बीसीसीएल ने श्रमिक घौड़ा को खाली कराकर कर्मचारियों को मुराईडीह कॉलोनी में तो शिफ्ट कर दिया, लेकिन मंदिर वहीं रह गई थी।
मुराईडीह कॉलोनी की महिलाओं को किसी भी शुभ कार्य करने से पहले बरमसिया में माता के दरबार में पूजा-पाठ करने जाना पड़ता था।
इस परेशानी से बचने के लिए महिलाएं तथा पुरूषों ने बैठक कर मां की मंदिर को बरमसिया से मुराईडीह कॉलोनी में स्थापित करने का निर्णय लिया। इसके बाद विधि-विधान के साथ मां की मंदिर को मुराईडीह कॉलोनी में स्थापित किया गया। यहां मंदिर स्थापित करने में स्वर्गीय सुमिला देवी, स्व. इगुरवासो, स्व. श्रवन सिंह, महेंद्र प्रसाद सिंह, स्वर्गीय पवन सिंह, सियाराम साव, जितेन्द्र सिंह, स्व. तिरकम चावड़ा, लक्ष्मण यादव, जगदीश राय, रघु राय, हरिकृष्ण यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तभी से यहां लगातार पूजनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
भव्य पंडाल में विराजतीं हैं मां
कार्तिक माह में होने वाले काली पूजा की तैयारी जोर-शोर से जारी है। इस बार तैयारियों की जिम्मेवारी युवकों ने उठा रखी है।
इस बार जनकपुर मंदिर के तर्ज पर पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। कारीगर माता की भव्य प्रतिमा का निर्माण को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। पूजनोत्सव में लाखों रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।