मारपीट नहीं, संवाद से सुलझे विवाद: छात्रों के समर्थन में उतरी माले
डीजे न्यूज, गिरिडीह : छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट की घटना को लेकर भाकपा माले ने विरोध जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया है। माले के जिला सचिव अशोक पासवान ने कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने और विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है। उनके विरोध का जवाब मारपीट से देना उचित नहीं है।
अशोक पासवान ने कहा कि राजनीतिक दल भी विभिन्न मुद्दों को लेकर पुतला दहन और प्रदर्शन करते हैं। ऐसे विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार के रूप में स्वीकार किया जाता है। फिर छात्रों के विरोध को लेकर टकराव की स्थिति पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मारपीट से गिरिडीह का माहौल बिगड़ेगा और लोगों के बीच आपसी टकराव बढ़ेगा।
उन्होंने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले पर संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अवसर मिलना चाहिए। माले छात्रों के साथ है और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनका समर्थन जारी रहेगा।
माले के नगर सचिव राजेश सिन्हा ने कहा कि छात्र किसी भी संगठन या वर्ग से हों, उन्हें अपने हक और अधिकार की मांग करने का अधिकार है। विरोध करने वाले छात्रों को खदेड़ना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से शहर में तनाव और टकराव बढ़ सकता है।
उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने और विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की। साथ ही कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और असहमति को सम्मान मिलना चाहिए, ताकि गिरिडीह का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।